हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता पर तलवार लटक गई है।

 हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। 


शिमला : गायत्री गर्ग / दल-बदल कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दाखिल की है। इसमें विधायकों की सदस्यता को चुनौती दी गई है। बड़ी बात ये भी है कि विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत ही विधायकों को नोटिस जारी कर सुनवाई शुरू कर दी है।

हालांकि, बागी विधायकों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ये मांग उठाई है कि जवाब के लिए कम से कम 7 दिन का समय दिया जाना चाहिए था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पत्रकारों से बातचीत में ये साफ कर दिया है कि तुरंत आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

दरअसल, सत्ता पक्ष ने व्हिप जारी किया हुआ था। बागी विधायक करीब 12 बजे सदन में तो पहुंचे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के पहुंचने से पहले ही चले गए। लिहाजा, व्हिप का उल्लंघन माना गया है। अब सवाल ये उठता है कि अगर इन विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता है तो उस सूरत में क्या होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना ये है कि इस तरीके से 6 विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष के आदेश में यदि बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी जाती है तो वो कानूनी विकल्प तलाश सकते हैं, लेकिन लोकसभा के साथ विधानसभा के उपचुनाव की संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता।

उधर, बजट पारित हो गया। बजट पारित होने के दौरान सदन में भाजपा के 10 सदस्य पहुंचे थे, लेकिन वो भी चले गए थे। इससे पहले सतपाल सत्ती ने कहा कि 15 सदस्यों का निष्कासन सरकार बचाने के लिए किया गया है। भाजपा के 25, कांग्रेस के 6 बागी व 3 निर्दलीयों की गैरमौजूदगी में बजट को पारित कर दिया गया।

कुल मिलाकर कांग्रेस ने राज्यसभा में हार का सामना करने के बाद बजट के खेल की ‘अग्निपरीक्षा’ में दो ब्रह्मास्त्रों का इस्तेमाल किया। व्हिप तो लागू था ही, साथ ही नेता प्रतिपक्ष सहित 15 विधायकों का निष्कासन। बताया जा रहा है कि सरकार ने बजट पारित करने को लेकर गिलोटिन का इस्तेमाल नहीं किया। इसके लागू होने के बाद ये सुनिश्चित होता है कि बजट आवंटित समय के भीतर पारित हो जाएगा।

चूंकि, ये व्यवस्था भोजन अवकाश के बाद होती, लेकिन सरकार इससे पहले ही बजट को पारित करवा लेना चाहती थी। व्यवस्था लागू होने की सूरत में केवल अध्यक्ष द्वारा ही सदन मे संबोधन दिया जाता है, सत्ता व विपक्ष का कोई भी विधायक या मंत्री संबोधन नहीं करता है। उधर, एक अन्य जानकारी मिली है कि कांग्रेस के 6 बागी विधायक हेलीकॉप्टर से पंचकूला पहुंच गए हैं।

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