शिव महापुराण में मानव की कमियों के संदर्भ में रखा प्रवचन पुनीत गिरि जी ने

शिव महापुराण में मानव की कमियों के संदर्भ में रखा प्रवचन पुनीत गिरि जी ने 

आज दिनांक 07 जून को शिव महापुराण कथा में पूज्य संत शिरोमणि पुनीत गिरि जी ने जिज्ञासुओं के साथ चतुर्थ दिवस में मुख्य रूप से मानव की कमियों के संदर्भ में प्रवचन रखा । मानव के अंधविश्वास, अज्ञान के स्त्रोतों और कारणों के संदर्भ में सब संगत के साथ डायलेक्टिक ज्ञान मीमांसा पद्धति के माध्यम से यह समझाया कि मानव को अपनी दशा बदलने के लिए दिशा का बदलना आवश्यक है । दिशा को पाने के लिए उन्होंने सदगुरु के महत्व को भी उजागर किया ।

शिव महापुराण की कथा के चौथे दिवस पर गंगा के आगमन पर शिव पुराण की भावार्थ व्याख्या पूज्य संत शिरोमणि पुनीत गिरि ने प्रवचन किया । न्यास सचिव सच्चिदानंद शास्त्री ने आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि जल्द पूज्य संत शिरोमणि पुनीत गिरि जी के आशीर्वचन एक आध्यात्मिक पुस्तक के रूप में प्रकाशित हो रहे हैं जिसका शीर्षक "पुष्पांजलि" है ।


जिज्ञासु और साधक इसका लाभ अवश्य उठाएंगे । इसके प्रकाशन का कार्य दार्शनिक साहित्यकार पंकज दर्शी कर रहे हैं और इसके संकलन और संपादन के मुख्य कार्य न्यास प्रधान डॉ रमेश अवस्थी और कवि नवीन विस्मित द्वारा किया गया है । सप्ताह के भीतर ही पुस्तक का विमोचन कथा समागम के समारोह 11 जून को किया जाएगा ।

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