डिजिटल साक्षरता से पंख लगा रहीं चंबा की महिला उद्यमी, सीख रहीं ऑनलाइन बाजार के गुर
डिजिटल साक्षरता से पंख लगा रहीं चंबा की महिला उद्यमी, सीख रहीं ऑनलाइन बाजार के गुर
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
देवभूमि की महिलाएं अब पारंपरिक चूल्हे-चौके से आगे बढ़कर डिजिटल दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए तैयार हैं। जिला चंबा के विभिन्न क्षेत्रों में 'टीम सेवा हिमालय' द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को डिजिटल व वित्तीय साक्षरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उनके उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना है। जिला के चुराह (तीसा), भरमौर, सलूणी, चंबा, साहू और मैहला जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। टीम सेवा हिमालय के विशेषज्ञों ने महिलाओं को बताया कि कैसे वे अपने हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और कलाकृतियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिना किसी अतिरिक्त लागत के बड़े बाजार तक पहुंचा सकती हैं। डिजिटल माध्यमों के लाभ बताने के साथ-साथ महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति भी आगाह किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन, ओटीपी साझा न करने और फर्जी कॉल व लुभावने मैसेज से सतर्क रहने के टिप्स दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती डिजिटल सक्रियता के बीच यह जानकारी महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सत्रों के दौरान देखा गया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्य स्मार्टफोन का उपयोग सीखने और नई तकनीकों को अपनाने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। वे अब अपने उत्पादों को अधिक आकर्षक और रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। स्थानीय उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिलने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल सकेगा।
डिजिटल युग में प्रगति के साथ-साथ सतर्कता भी अनिवार्य है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं तकनीक का उपयोग तो करें, लेकिन पूरी सावधानी के साथ। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें। डिजिटल साक्षरता ही महिलाओं को सही मायने में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाएगी।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें