गोहर में जल शक्ति विभाग अलर्ट: घर-घर सैंपलिंग, उबला पानी पीने की अपील
गोहर में जल शक्ति विभाग अलर्ट: घर-घर सैंपलिंग, उबला पानी पीने की अपील
नेरचौक : अजय सूर्या /
क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए जल शक्ति विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जल शक्ति मंडल बग्गी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रभावित पंचायतों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सहायक अभियंता की अध्यक्षता में टीमों का गठन कर घर-घर जाकर पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। साथ ही निजी स्रोतों और बोरवेल की भी जांच की जा रही है। फरवरी माह में ही जयूनी खड्ड के स्रोत को बंद कर दिया गया था और प्रभावित पंचायतों—गोहर, बासा, चेल चौक व नेहरा—को वैकल्पिक योजनाओं के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है।
विभाग द्वारा अभियान चलाकर निजी टंकियों व शिक्षण संस्थानों के पेयजल टैंकों की भी सफाई करवाई गई है। कुछ बावड़ियों के सैंपल फेल होने के बाद प्रशासन ने उन्हें अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। लोगों को सलाह दी गई है कि इन स्रोतों का पानी पीने के लिए उपयोग न करें और केवल क्लोरीन युक्त या उबला हुआ पानी ही पिएं।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर सेप्टिक टैंकों का रिसाव जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सेप्टिक टैंक का मल नदी-नालों में न डालें, बल्कि सुंदरनगर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में ही निस्तारण करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने हाल ही में पीलिया से हुई एक महिला की मृत्यु पर संवेदना भी व्यक्त की है।
पानी के सैंपल की स्थिति:
विभाग द्वारा योजनाओं के तहत 408 पानी के नमूने लिए गए, जिनमें से 404 मानकों पर खरे पाए गए, जबकि 4 की रिपोर्ट लंबित है। पारंपरिक स्रोतों से लिए गए 86 नमूनों में से 53 असफल पाए गए हैं और 6 की रिपोर्ट आना बाकी है। इसी के चलते 10 में से 5 बावड़ियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

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