अंतर्राजीय चक्की पुल पर पड़े मिट्टी के ढेर स्वागत कर रहे बाहरी प्रांतों के लोगों का
अंतर्राजीय चक्की पुल पर पड़े मिट्टी के ढेर स्वागत कर रहे बाहरी प्रांतों के लोगों का
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार स्थल कंडवाल मे स्थित चक्की उप नदी पर स्थित चक्की पुल जिसके द्वारा पंजाब व जम्मू कश्मीर प्रांत के वाहन धारक हिमाचल में प्रवेश करते हैं। लेकिन यह पुल जो कि प्रदेश के सबसे लंबे पुलों में से एक है गत लंबे समय से एक भद्दी तस्वीर पेश कर रहा है। इस पुल के दोनों किनारो पर जमी रेत मिट्टी काफी समय पहले निकाल कर पुल पर पैदल चलने वाले भाग में टिका दी गई थी। करीब दो मास से मिट्टी के ढेर वैसे ही पड़े हैं। तथा इन्हें यहां से हटाया ही नहीं जा सका है। इस पुल की ही नहीं बल्कि इसे पार करते ही जहां सड़क शुरू होती है। वहां लंबे समय से फोरलेन का काम लगा हुआ है। जो आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण बाहरी स्थानों से आने वालों को प्रवेश करते ही हिमाचल की फटीचर स्थिति देखने को मिलती है। पंजाब की सीमा से सटा हिमाचल प्रदेश कि यह पंचायत कंडवाल में व्यवस्था परिवर्तन सरकार के सरकारी तंत्र का यह हाल है कि नमूना यहां पर किसी समय भी यहां पर देखने को मिल सकता है जिससे यहां पर किसी समय भी कोई दुर्घटना हो सकती है लेकिन संबंधित विभाग मुक दर्शक बना हुआ है l अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के सह निदेशक राजेश पठानिया द्वारा यह मामला प्रशासन से उठाने पर पुल से मिट्टी तो उठा दी गई थी। लेकिन इसे इस बात के बावजूद नहीं हटाया गया कि इस पुल से विभाग व प्रशासन के उच्च अधिकारी अक्सर गुजरते हैं। यहां तक कि यहां के विधायक का आवास व कारोबारी परिसर भी पुल से कुछ ही दूरी पर है। बड़े वाहन जब गुजरते हैं। तो वह इन मिट्टी के ढेरों से धूल को उड़ाकर बेचारे दो पहिया वाहन चला रहे लोगों को धूल से भर डालते हैं। इस मामले मे वीरेंद्र प्रसाद रेजिडेंट इंजीनियर सड़क प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण कंपनी को पुल के किनारो पर जमीर रेत व मिट्टी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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