कर्क संक्रांति श्रावण मास में महादेव की पूजा का महायोग, दक्षिणायन की शुरुआत
कर्क संक्रांति श्रावण मास में महादेव की पूजा का महायोग, दक्षिणायन की शुरुआत कर्क संक्रांति 2026: सूर्य का राशि परिवर्तन और श्रावण के पावन संयोग में शिव-सूर्य साधना का महात्म्य हिमाचल मीडिया ब्यूरो: सनातन धर्म में कर्क संक्रांति और श्रावण मास का एक साथ आना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है। इस वर्ष 16 जुलाई 2026 को कर्क संक्रांति पड़ रही है, जो कि पवित्र श्रावण मास के दौरान है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, तो दक्षिणायन की शुरुआत होती है। इस समय भगवान सूर्य की उपासना के साथ-साथ 'श्रावण' के महीने में भगवान शिव की आराधना करना मोक्ष और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। कर्क संक्रांति 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2026, गुरुवार को है। सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश: रात्रि 11:45 बजे। पुण्यकाल: दोपहर 12:22 बजे से शाम 6:47 बजे तक। महापुण्यकाल: शाम 4:39 बजे से शाम 6:47 बजे तक। श्रावण मास और शिव पूजन का विशेष महत्व पंडित दीपक शास्त्री के अनुसार, श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्...