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मोक्षधाम बनाल में किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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 मोक्षधाम बनाल में किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश फतेहपुर बलजीत ठाकुर फतेहपुर। मोक्षधाम बनाल में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पूर्व उपाध्यक्ष जिला परिषद कांगड़ा जगदेव ठाकुर ने भी विशेष रूप से भाग लिया और पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण मिल सके। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।

जल प्रबंधन तकनीकों पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, 37 किसानों ने लिया प्रशिक्षण

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  जल प्रबंधन तकनीकों पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, 37 किसानों ने लिया प्रशिक्षण कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, सोलन के सहयोग से 'जल प्रबंधन की तकनीकें' विषय पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में खंड परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन एवं नाहन की उप-परियोजनाओं से जुड़े 37 किसानों ने भाग लेकर जल संरक्षण एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषक प्रशिक्षण केंद्र के उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश कुमार जंजीहा ने किया। उन्होंने किसान प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक और दक्षतापूर्ण उपयोग कृषि की स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने जल स्रोतों के संरक्षण, कृषि में जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, वर्षा जल संचयन, जल उपयोग दक्षता तथा विभिन्न फसलों की जल आवश्यकता जैस...

वार्षिक नौसैनिक एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के सातवें दिन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं जल संरक्षण अभियान का आयोजन

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 वार्षिक नौसैनिक एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के सातवें दिन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं जल संरक्षण अभियान का आयोजन डीएवी पब्लिक स्कूल, बिलासपुर में आयोजित 1 हिमाचल प्रदेश नौसैनिक एनसीसी इकाई के 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी-235) के सातवें दिन कैडेटों के बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर के अंतर्गत अंतर-संस्थान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक शिक्षण संस्थान से दो-दो कैडेटों सहित कुल 18 कैडेटों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का संचालन लेफ्टिनेंट विशाल ठाकुर, एएनओ ने क्विज़ मास्टर के रूप में किया। प्रतियोगिता के प्रश्न नौसैनिक परिचय, भारतीय एवं हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान, नौसैनिक शब्दावली सहित विभिन्न विषयों पर आधारित थे। प्रतियोगिता में एनआईटी हमीरपुर ने प्रथम, डीएवी घुमारवीं ने द्वितीय तथा डीएवी दरलाघाट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत बिलासपुर के गांव निहाल कुनाला में एक बावड़ी की साफ-सफाई की गई तथा जल संरक्षण जागरूकता रैली निकाली गई। इस अभियान में 30 एनसी...

सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना - संजय अवस्थी 67 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया भूमि पूजन व रखी आधारशिला

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  सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना - संजय अवस्थी 67 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया भूमि पूजन व रखी आधारशिला अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना है तथा इन्हें और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सन्याड़ी मोड़ में 47 लाख रुपए की लागत से लीली फार्म से पन्सोड़ा एम्बुलैंस मार्ग मैटलिंग व टायरिंग कार्य का भूमि पूजन करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। विधायक ने तदोपरांत पन्सोड़ा से चाम्बा तक 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले एम्बुलैंस मार्ग की आधारशिला भी रखी। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश के गांव-गांव तक बेहतर सड़क, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, सुदृढ़ अधोसंरचना व अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़कें जहां ग्रामीण क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है वहीं किसानों व बागवानों के उत्पादों को समय पर मण्डियों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होती है। विधायक ने कहा कि ग्रा...

भारी बारिश से मंडी जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त: 84 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप और 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित

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 भारी बारिश से मंडी जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त: 84 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप और 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित ​मंडी (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला आपदा परिचालन केंद्र (DEOC) मंडी द्वारा 22 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे जारी ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण सड़कों, बिजली और पानी की आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। ​1. सड़कों की स्थिति: बंद सड़कों की संख्या बढ़कर 84 हुई ​पिछले कल (21 जुलाई शाम 4:00 बजे) जहां जिले में 23 सड़कें बंद थीं, वहीं आज (22 जुलाई सुबह 10:00 बजे) यह संख्या बढ़कर 84 हो गई है। ​मुख्य जिला मार्ग (MDR Road): 04 बंद ​ग्रामीण सड़कें (Rural Roads): 80 बंद ​नेशनल व स्टेट हाईवे: फिलहाल नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) पर यातायात सामान्य है। ​विभागवार / डिवीजनवार सड़कों का ब्यौरा: ​सराज डिवीजन (Div Seraj): सबसे ज्यादा प्रभावित — 38 सड़कें बंद ​थालौट डिवीजन (Div Thalout): 19 सड़कें बंद ​करसोग डिवीजन (Div Karsog): 13 सड़कें बंद ​धर्मपुर डिवीजन (Div Dharampur): 07 सड़...

आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थान आज रहेंगे बंद

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  आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थान आज रहेंगे बंद कुल्लू, । भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जिला कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने तथा आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों में लगातार हो रही भारी वर्षा, भूस्खलन एवं सड़क अवरोध की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन इन तीनों उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थानों को आज 22 जुलाई, 2026 को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 एवं 34(एम) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आईटीआई तथा अन्य सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रहेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बाधित होने से आवागमन प्रभावित हुआ है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम बढ़ ...

वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम - शरद कुमार लगवाल गलानग गांव में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

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  वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम - शरद कुमार लगवाल गलानग गांव में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन शरद कुमार लगवाल ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनकर पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और संरक्षण के मध्य संतुलन बनाए रखने में अपना सहयोग देना चाहिए। शरद कुमार लगवाल आज सोलन के निकट ग्राम पंचायत कोठों के गलानग गांव में आयोजित  पौधारोपण   कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। शरद कुमार लगवाल ने कहा कि वन हमारे ग्रह के फेफड़े हैं जो हमें आक्सीजन प्रदान करते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और विविध पारिस्थितिकी तंत्र को सहारा प्रदान करते हैं। वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अभियान शुरू करना समय की मांग है। हमें वृक्षारोपण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए और इस अभियान की सफलता के लिए जन सहभागिता नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष लगाने...

Call Before You Dig" मोबाइल ऐप: सुरक्षित और व्यवस्थित खुदाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल - उपायुक्त

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  Call Before You Dig" मोबाइल ऐप: सुरक्षित और व्यवस्थित खुदाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल - उपायुक्त - सभी विभाग ऐप का करें इस्तेमाल भूमिगत पाइपलाइन, बिजली केबल, गैस लाइन, ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा अन्य महत्वपूर्ण उपयोगिता सेवाओं को खुदाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा "Call Before You Dig ( CBuD )" मोबाइल ऐप  के बारे में विस्तृत कार्यशाला आज बचत भवन में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि शिकरत की। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि 'Call Before You Dig' ऐप का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब संबंधित विभागों के पास अपने नेटवर्क का सटीक और अपडेटेड डेटा उपलब्ध हो। यदि हमें यह जानकारी ही नहीं होगी कि किसी स्थान के नीचे किस विभाग की लाइन है, तो केवल अलर्ट या नोटिफिकेशन भेजना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए सबसे पहले आवश्यक है कि सभी विभाग अपने-अपने डेटा का डिजिटलीकरण करें और उसे नियमित रूप से अपडेट करें। इसके बाद ही इस एप्लीकेशन का प्रभावी उपयोग संभव होगा। वर्तमान में यदि कोई खुदाई संबंधी अनु...

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