एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी का डेलिगेशन विश्वविद्यालय में 12 छात्रों के अवैध निष्कासन को वापिस लेने के मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला।

एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी का डेलिगेशन विश्वविद्यालय में 12 छात्रों के अवैध निष्कासन को वापिस लेने के मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला।


  एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी का डेलिगेशन विश्वविद्यालय में 12 छात्रों के अवैध निष्कासन को वापिस लेने के मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला। एसएफआई का आरोप है की छात्रों का निष्कासन विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दबाव के चलते किया है। विश्वविद्यालय में 20 नवंबर 2023 को कुछ बाहरी लोग विश्वविद्यालय कैंपस में आकर माहौल खराब करने का काम करते हैं और उनके द्वारा एसएफआई के कार्यकर्ताओं पर हमला किया जाता है। इस झड़प के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एसएफआई के 12 छात्रों को राजनितिक दबाव के चलते छात्रों का पक्ष सुने बिना विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया।

  एसएफआई का मानना है कि यह निष्कासन पूरी तरह से अवैध है क्योंकि विश्वविधालय के ऑर्डिनेंस में यह साफ साफ लिखा है कि किसी भी छात्र को निष्कासित करने से पहले उसे विश्वविधालय द्वारा उसका पक्ष जानने के लिए नोटिस दिया जायेगा और छात्रों का पक्ष जानने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा परंतु विश्वविधालय प्रशासन ऑर्डिनेंस को दरकिनार करके अपनी तानाशाही दिखा कर छात्रों को अवैध तरीके से विश्वविधालय से निकाल देता है। छात्र दवाब के चलते जब विश्वविधालय प्रशासन छात्रों को उनका पक्ष रखने का मौका देता है तो जानबूझ कर फैसला लेने में लेट लतीफी करता है। जिसके चलते वह अपनी परीक्षाएं भी नहीं दे पाया। एसएफआई के आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी गलती को स्वीकार किया और जिसमें सिर्फ अभी चार ही छात्रों का निष्कासन वापस लिया गया। परंतु 8 छात्र अभी भी विश्विद्यालय से निष्कासित है।

    एसएफआई राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि देश में लोकसभा के चुनाव हो रहे इस लोकसभा चुनाव में पूरे देश में मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की सांप्रदायिकता फैलाने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा इंडिया गठबंधन बनाया गया है। जिसका एसएफआई पूरे देश में खुले तौर पर समर्थन कर रही है। एसएफआई का मानना है की देश के लोकतंत्र, संविधान को बचाने,सांप्रदायिक सौहार्द को बनाएं रखने व शिक्षा को सांप्रदायिकरण, निजीकरण व केंद्रीयकरण से बचाने के लिए ये इस चुनाव में भाजपा को हराना जरूरी है। इसी कारण एसएफआई पूरे देश में इंडिया गठबंधन का समर्थन कर रही है। हिमाचल प्रदेश में भी आगामी लोकसभा चुनाव, विधानसभा के उपचुनाव होने है।इसी को मध्यनजर रखते हुए हिमाचल प्रदेश एसएफआई राज्य कमेटी के डेलिगेशन ने शिक्षा मंत्री से इस बात पर चर्चा की शिक्षा मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द मुद्दे पर संज्ञान लिया जाएगा और निष्कासन को वापस किया जाएगा।

एसएफआई राज्य सचिव दिनित देंटा ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अगर अवैध निष्कासन को जल्द से जल्द वापिस नहीं करती है तो आने वाले समय प्रदेश की सरकार को छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। 



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