बिजली जाने पर अंधेरे में डूब जाता है नूरपुर का मिनी सचिवालय। का इनवर्टर सुविधा सिर्फ एसडीएम कार्यालय में।
बिजली जाने पर अंधेरे में डूब जाता है नूरपुर का मिनी सचिवालय। का इनवर्टर सुविधा सिर्फ एसडीएम कार्यालय में।
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर शहर मे स्थित करीब दो दशक पूर्व एक मिनी सचिवालय कार्यरत हुआ था। जिसमें एसडीएम, तहसील, डीएसपी, व खाद्य आपूर्ति सहित अन्य कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में जब भी किसी कारण बिजली चली जाती है। तो उक्त सचिवालय में होने वाले अधिकांश काम होने से रह जाते हैं। व इमारत अंधेरे में डूब जाती है ।गत दिन किसी भारी तकनीकी कारण से जब इस इमारत की बिजली गुल थी। तो हलके के गांव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अपवाद के तौर पर सिर्फ एसडीएम कार्यालय में इनवर्टर सुविधा के चलते यहां होने वाले काम में बाधा नहीं आई। जबकि बाकी सभी अन्य दफ्तरों के काम नहीं हो पाए ।यहां सबसे हैरत की बात तो यह थी, कि इस इमारत के परिसर में एक विशाल विद्युत जनरेटर भी लगा हुआ है। जो सफेद हाथी की कहावत चरित्रार्थ कर रहा है ।इस संबंध में जब एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा से इस जनरेटर के काम न करने के संबंध में जानना चाहा। तो उन्होंने माना कि यह लंबे समय से खराब चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसे ठीक करवाने की कवायत जल्द ही की जाएगी इस मामले मे प्रमुख राजेश सिंह पठानिया सहनिदेशक अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ का कहना है कि में बिजली जाने पर जनरेटर के कार्यरत होने की व्यवस्था होनी ही चाहिए। ताकि दूर दराज से अपने कामों के लिए आए लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। कई वर्षों से खराब पड़ा यहां लगाया गए जनरेटर को आज दिन तक ठीक करवाया जाना चाहिए था। यह स्थिति भाजपा सरकार के शासन से चली आ रही है जो कहते हैं कि हमने नूरपुर का विकास करवाया हैl

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