“कांग्रेस सरकार का कार्यकाल ‘काला अध्याय’—भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और जनविरोधी नीतियों का खुला दस्तावेज”: विपिन परमार

 “कांग्रेस सरकार का कार्यकाल ‘काला अध्याय’—भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और जनविरोधी नीतियों का खुला दस्तावेज”: विपिन परमार


“टैक्स की मार, विकास ठप, जनता परेशान”—प्रदेश कार्यसमिति में कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित

मंडी : अजय सूर्या /

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार ने प्रदेश का राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार का कार्यकाल हिमाचल प्रदेश के इतिहास में “काला अध्याय” के रूप में दर्ज होगा, जिसमें व्यापक भ्रष्टाचार, आर्थिक कुप्रबंधन, प्रशासनिक अराजकता और जनता के साथ विश्वासघात देखने को मिला है।

विपिन परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश को आर्थिक संकट और अनिश्चितता के गर्त में धकेल दिया है। “ऊंची दुकान, फीका पकवान” की तर्ज पर सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर विकास पूरी तरह ठप हो चुका है और जनकल्याण शून्य हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 2000 से अधिक संस्थान बंद कर दिए गए, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हिमकेयर, सहारा जैसी योजनाओं के भुगतान लंबित हैं और अस्पतालों की स्थिति वेंटिलेटर पर पहुंच गई है, जबकि सरकार जनता को “रोबोटिक सर्जरी” के सपने दिखा रही है।

परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण प्रदेश पर कर्ज बढ़कर लगभग ₹1.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिससे हर नागरिक पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके बावजूद विकास कार्य ठप हैं और सरकार लगातार नया कर्ज लेकर खर्च चला रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत हिमाचल को लाखों करोड़ की सहायता दी गई, लेकिन कांग्रेस सरकार उस धन का प्रभावी उपयोग करने में विफल रही। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन भी धीमा पड़ा है।

विपिन परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “टैक्स बढ़ाओ और जनता को दबाओ” की नीति पर काम कर रही है—पेट्रोल-डीजल पर भारी VAT, एंट्री टैक्स में वृद्धि, स्टांप ड्यूटी बढ़ोतरी, बिजली-पानी के बढ़े बिल और बस किराए ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया राज, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद चरम पर है। मित्रों को मलाईदार पद बांटे जा रहे हैं, सीपीएस जैसी नियुक्तियों को न्यायालय ने निरस्त किया और सरकारी धन का दुरुपयोग कर उन्हें बचाने की कोशिश की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं से टकराव की स्थिति पैदा कर रही है, चुनाव आयोग और राज्यपाल जैसे पदों पर खुली टिप्पणी की गई, और विजिलेंस को RTI से बाहर कर पारदर्शिता खत्म करने का प्रयास किया गया।

अंत में विपिन परमार ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति यह संकल्प लेती है कि कांग्रेस सरकार के हर भ्रष्टाचार, हर घोटाले और हर जनविरोधी निर्णय का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और प्रदेश को इस “भ्रष्ट और विफल सरकार” से मुक्त कराने के लिए व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

“यह केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि हिमाचल के भविष्य को बचाने की निर्णायक लड़ाई है,” उन्होंने कहा।

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