चम्बा वेलफेयर एसोसिएशन की मासिक बैठक का आयोजन होटल इरावती में किया गया
चम्बा वेलफेयर एसोसिएशन की मासिक बैठक का आयोजन होटल इरावती में किया गया
चंबा : जितेंद्र खन्ना /
जिसकी अध्यक्षता संगठन के प्रधान ओमप्रकाश गोस्वामी ने की। बैठक के दौरान शहर की सुरक्षा और जनहित से जुड़े दो ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। एसोसिएशन ने चम्बा शहर की संकरी गलियों और सघन आबादी को देखते हुए ऐतिहासिक फायर हाइड्रेंट सिस्टम को पुनर्जीवित करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। बैठक में याद दिलाया गया कि वर्ष 1935-36 के भीषण अग्निकांडों के बाद, तत्कालीन चम्बा नरेश ने 1939 में शहर को सुरक्षित करने के लिए 102 हाइड्रेंट पॉइंट स्थापित किए थे, जो अब प्रशासनिक उपेक्षा के कारण दम तोड़ चुके हैं। इनमें से कई पॉइंट सड़कों के नीचे दब गए हैं तो कई जलविहीन हो चुके हैं। एसोसिएशन ने सदर विधायक नीरज नैयर द्वारा अग्निशमन प्रणाली के लिए स्वीकृत 7 करोड़ रुपए की राशि का स्वागत करते हुए प्रशासन से मांग की है कि इस बजट का उपयोग ऐतिहासिक प्रणाली को आधुनिक बनाने और उसे शीघ्र क्रियान्वित करने में किया जाए। इसके अतिरिक्त बैठक में केंद्र सरकार के विद्युत संशोधन विधेयक 2025 के तहत लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर भी जनता की चिंताओं को प्रमुखता से रखा गया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यद्यपि सरकार इसे पारदर्शिता के नाम पर लागू कर रही है, परंतु धरातल पर उपभोक्ताओं में इसके प्रति भारी रोष और आशंकाएं व्याप्त हैं। बिलों में संभावित 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि, मीटर की अत्यधिक लागत का बोझ और प्रीपेड व्यवस्था को लेकर जनता में असुरक्षा का भाव है। संगठन ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्रीय मंत्री इसे वैकल्पिक बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय कर्मचारियों द्वारा दबाव बनाकर मीटर लगाना पूरी तरह अनुचित है। एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित विभाग को सुझाव दिया है कि जब तक तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित नहीं होती और जनता को पोस्टपेड का विकल्प नहीं दिया जाता, तब तक इस अभियान को स्थगित रखा जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों के संदेह दूर किए जाएं। बैठक में ईश्वरी प्रसाद शर्मा, एसपी वैद, निक्कू राम, चैन लाल शर्मा, योगराज, पीएल ठाकुर सहित कई अन्य मौजूद रहे।

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