मीटर रेंट के नाम पर करोड़ों की वसूली का खेल बंद करे सरकार: एन के पंडित
मीटर रेंट के नाम पर करोड़ों की वसूली का खेल बंद करे सरकार: एन के पंडित
नेरचौक : अजय सूर्या /
मण्डी सदर कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता एन के पंडित ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिजली उपभोक्ताओं से “मीटर रेंट” के नाम पर की जा रही करोड़ों रुपये की वसूली को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। नेरचौक में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सीधे तौर पर आम जनता की जेब से जुड़ा हुआ है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
एन के पंडित ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर और मीटर रेंट के नाम पर प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं से लगातार भारी राशि वसूली जा रही है, जबकि बाजार में एक बिजली मीटर की कीमत लगभग 1000 रुपये के आसपास है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मीटर की वास्तविक लागत इतनी कम है, तो वर्षों तक मीटर रेंट के नाम पर उपभोक्ताओं से पैसे क्यों लिए जा रहे हैं।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 26 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। यदि प्रति उपभोक्ता हर महीने औसतन 100 रुपये मीटर रेंट के रूप में लिया जाए, तो यह राशि लगभग 26 करोड़ रुपये प्रति माह बनती है। उन्होंने कहा कि सालाना यह रकम सैकड़ों करोड़ तक पहुंच जाती है, जो जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ है।
पंडित ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में 20-25 साल पहले मीटर लगाए गए थे, उनसे भी लगातार मीटर रेंट लिया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और बिजली बोर्ड इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि मीटर रेंट की वसूली को तुरंत बंद किया जाए और इस पूरे मामले की जांच करवाई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो जनता इस मुद्दे पर जवाब मांगने के लिए मजबूर होगी।

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