खूनी नहर में कूदकर बचाई युवक की जान, पूर्व प्रधान बालक राम कौशल बने ‘जीवन रक्षक’ की मिसाल
खूनी नहर में कूदकर बचाई युवक की जान, पूर्व प्रधान बालक राम कौशल बने ‘जीवन रक्षक’ की मिसाल
नेरचौक : अजय सूर्या /
“जाको राखे सइयां, मार सके ना कोय” कहावत उस समय सच साबित हुई जब दयारगी पंचायत के पूर्व प्रधान बालक राम कौशल ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहती नहर में कूदकर एक युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएसएल (BBMB) प्रोजेक्ट की तेज बहाव वाली नहर, जिसे स्थानीय लोग “खूनी नहर” के नाम से जानते हैं, में एक नौजवान अचानक गिरकर डूबने लगा। मौके पर मौजूद लोग ठंड और तेज बहाव के चलते केवल तमाशबीन बने रहे। ऐसे में कड़ाके की ठंड के बावजूद बालक राम कौशल बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा साधनों के नहर में कूद पड़े।
उन्होंने बहते पानी में संघर्ष करते हुए युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। यह पूरा घटनाक्रम बेहद जोखिम भरा था, लेकिन कौशल ने निस्वार्थ भाव और साहस का परिचय देते हुए मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।
स्थानीय लोगों ने बालक राम कौशल के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की है। क्षेत्र में उन्हें “जीवन रक्षक” के रूप में जाना जाता है, और यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने किसी की जान बचाई हो।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे निस्वार्थ और साहसी लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की है कि बालक राम कौशल को उनके इस बहादुरी भरे कार्य के लिए सम्मानित किया जाए।
यह घटना न केवल मानवता का उदाहरण है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि संकट की घड़ी में साहस और सेवा भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।

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