पारंपरिक चंबा रूमाल कढ़ाई पर ऐड-ऑन कोर्स: एक सृजनात्मक पहल
पारंपरिक चंबा रूमाल कढ़ाई पर ऐड-ऑन कोर्स: एक सृजनात्मक पहल
नूरपुर : विनय महाजन /
राजकीय आर्य महाविद्यालय नूरपुर के संगीत विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध पारंपरिक हस्तकला चंबा रूमाल कढ़ाई के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से एक 36 घंटे का ऐड-ऑन कोर्स आयोजित किया गया। यह कोर्स 8 अक्टूबर 2025 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ठाकुर के सक्षम निर्देशन में संपन्न हुआ तथा इसका संयोजन डॉ. भारती भागसैन, सहायक प्राध्यापक, संगीत विभाग द्वारा किया गया।
इस ऐड-ऑन कोर्स में 32 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों को चंबा रूमाल कढ़ाई की पारंपरिक तकनीकों, अलंकरण शैली, रंग योजना एवं सांस्कृतिक महत्त्व का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती दिनेश कुमारी जी द्वारा प्रदान किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने इस विशिष्ट लोककला की बारीकियों के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं व्यावसायिक संभावनाओं की भी जानकारी प्राप्त की।कोर्स के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए ! इस अवसर पर डॉ. दिलजीत सिंह, डॉ. राकेश कुमार, डॉ अंजना गौतम, प्रोफेसर मंजीत सिंह अन्य शिक्षक उपस्थिति रहे। इस अवसर पर प्राचार्य महोदय ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए इस प्रकार के कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला। अंत में आयोजक द्वारा प्रशिक्षक एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।यह ऐड-ऑन कोर्स विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता के विकास, कौशल संवर्धन तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। साथ ही, इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ भारतीय पारंपरिक हस्तकलाओं के संरक्षण एवं सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करती हैं।

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