प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नीतियाँ जनविरोधी, संवेदनहीन और पूरी तरह विफल

 प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नीतियाँ जनविरोधी, संवेदनहीन और पूरी तरह विफल 

स्वास्थ्य व पोषण के नाम पर सिर्फ छलावा 


 नूरपुर : विनय महाजन /

नूरपुर प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष,वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की कार्यशैलीपूरीतरह सेजनविरोधी दिशाहीन और संवेदनहीन है। एक ओर सरकार कुपोषण के नाम पर ₹207 करोड़ की नई योजना का शोर मचा रही है, दूसरी ओर आम आदमी की पहुंच में रही स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार महंगा और सीमित किया जा रहा है।विपिन सिंह परमार ने कहा कि चंबियाना अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की फीस को 30 हजार रुपये से सीधे 50 हजार रुपये करना न केवल असंवेदनशील निर्णय है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार आम मरीज की पीड़ा को समझने में पूरी तरह विफल रही है। जब प्रदेश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, तब इलाज जैसी बुनियादी आवश्यकता पर 20 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना किस प्रकार की जनसेवा है l क्या यह स्वास्थ्य का आधुनिकीकरण है या आम आदमी को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर करने की साजिश है lविपिन सिंह परमार ने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस सरकार वास्तव में प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर चिंतित है, तो उसे पहले यह जवाब देना चाहिए l 

भाजपा सरकार के कार्यकाल मेंआयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया गया।

हिमकेयर योजना ने प्रदेश के उन परिवारों को राहत दी जो आयुष्मान की श्रेणी में नहीं आते थे, और उन्हें निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा मिली।

125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना ने गरीब और निम्न मध्यम वर्ग को सीधी राहत दी l मुख्यमंत्री शगुन योजना जैसी सामाजिक योजनाओं ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा दिया।विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज कांग्रेस सरकार ने या तो इन योजनाओं को सीमित कर दिया हैl उन्होंने कुपोषण पर घोषित नई योजना को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारी-भरकम शब्दों जैसे “इंटर-डिपार्टमेंटल कन्वर्जेंस”, “मॉनिटरिंग मैकेनिज्म” और “कैपेसिटी बिल्डिंग” से जमीन की सच्चाई नहीं बदलती। प्रदेश के अनेक आंगनबाड़ी केंद्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पोषण आहार की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। एनीमिया और कुपोषण के आंकड़े वर्षों से चिंता का विषय हैं, लेकिन हर बार नई सरकार पुरानी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए नई घोषणा कर देती है।विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह समझना होगा कि स्वास्थ्य और कुपोषण जैसे गंभीर विषय राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं हैं। यह दोहरा चरित्र ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा। प्रदेश की जनता सब देख रही है। अब समय आ गया है कि सरकार घोषणाओं की राजनीति छोड़कर वास्तविक सेवा और जवाबदेही की दिशा में काम करे, अन्यथा जनता उचित समय पर इसका जवाब देगी।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर