शिमला पुलिस की बड़ी सफलता: रोहड़ू हेरोइन तस्करी नेटवर्क का 'मास्टरमाइंड' पंजाब से गिरफ्तार
शिमला पुलिस की बड़ी सफलता: रोहड़ू हेरोइन तस्करी नेटवर्क का 'मास्टरमाइंड' पंजाब से गिरफ्तार
(शिमला: गायत्री गर्ग) नशा तस्करों के खिलाफ छेड़े गए अपने विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने रोहड़ू (मुकदमा नंबर 5/26) में चल रहे हेरोइन तस्करी गिरोह के मुख्य संचालक (किंगपिन) हरदीप सिंह को पंजाब के फिरोजपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
वर्चुअल नंबर और तकनीक के जाल से चल रहा था धंधा
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी हरदीप सिंह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वर्चुअल व्हाट्सएप नंबरों का उपयोग कर रहा था। इसी के जरिए वह पंजाब से हिमाचल के स्थानीय तस्करों को निर्देश देता था। शिमला पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और व्हाट्सएप रिकॉर्ड खंगालने के बाद इस बैकवर्ड लिंक का पर्दाफाश किया।
वित्तीय विश्लेषण से खुले राज
पुलिस की गहन वित्तीय जांच (Financial Investigation) में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन की बात सामने आ रही है:
आरोपी जशनदीप: इसके बैंक खातों में पिछले 4 महीनों में ₹18 लाख का ट्रांजेक्शन मिला।
मास्टरमाइंड हरदीप सिंह: इसके खातों के विश्लेषण से पता चला कि पिछले 7 महीनों में करीब ₹28 लाख का लेन-देन हुआ है। यह पैसा जशनदीप और अन्य स्थानीय खरीदारों द्वारा चिट्टा (हेरोइन) खरीदने के लिए भेजा गया था।
अब तक 7 गिरफ्तारियाँ
इस मामले की शुरुआत 2 फरवरी 2026 को मेहंदली पुल (रोहड़ू) के पास हुई थी, जहाँ जशनदीप और धर्मप्रीत को 83 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। अब तक इस केस में कुल 7 आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं:
जशनदीप सिंह (पंजाब)
धर्मप्रीत सिंह (पंजाब)
आशीष चौहान (चिड़गांव)
नवीन शिट्टा (चिड़गांव)
दीवान चंद (चिड़गांव)
विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू (मुख्य स्थानीय वितरक)
हरदीप सिंह (मुख्य नेटवर्क संचालक - फिरोजपुर, पंजाब)
शिमला पुलिस के कड़े तेवर
इस वर्ष अब तक पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 56 मुकदमे दर्ज किए हैं और कुल 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि सप्लाई चेन के हर पहलू की जांच जारी है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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