“कांग्रेस ने सत्ता में आते ही सुलह का विकास किया ठप, भाजपा लौटेगी तो रफ्तार होगी दोगुनी ” — विपिन सिंह परमार
“कांग्रेस ने सत्ता में आते ही सुलह का विकास किया ठप, भाजपा लौटेगी तो रफ्तार होगी दोगुनी ” — विपिन सिंह परमार
पालमपुर
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस ने सुलह विधानसभा क्षेत्र के विकास पर सुनियोजित तरीके से ब्रेक लगा दिया। जिन योजनाओं से आम जनमानस को सीधा लाभ मिल रहा था, उन्हें या तो बंद कर दिया गया या उनकी गति जानबूझकर धीमी कर दी गई।
परमार ने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 तक पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सुलह में विकास की ऐतिहासिक नींव रखी गई। वर्ष 2022 में 148.68 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें 37.55 करोड़ रुपये की लिफ्ट ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई स्कीम, रौड़ा पंचायत के लिए 1.52 करोड़ की जल जीवन मिशन योजना, भौड़ा-ठंडोल के लिए 4.66 करोड़ की लिफ्ट वॉटर स्कीम जैसी योजनाएं शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि सुलह हलके में लगभग 300 करोड़ रुपये सड़कों, पुलों और भवनों पर व्यय किए गए, जिनमें 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके थे। 14 नई पंचायतों का गठन कर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती दी गई। हैंजा पंचायत में 1.20 करोड़ तथा गढ़-दाटी-खडूहल में 2.62 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गईं।
जल और सिंचाई क्षेत्र में 60 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनमें 32 करोड़ रुपये की लागत से 10 पंचायतों की योजनाएं शामिल थीं। कूहलों का जीर्णोद्धार, नए हैंडपंप और पेयजल परियोजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों को राहत दी। धीरा होली मेला को जिला स्तरीय दर्जा दिलवाया गया तथा 71 पंचायतों में करोड़ों रुपये के कार्य हुए।
स्वास्थ्य मंत्री (2017-2022) के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए परमार ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2302 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष से 582 करोड़ अधिक था। नवजात शिशु मृत्यु दर में 15.8 प्रतिशत और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 18.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जिसके लिए प्रदेश को दो राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
थुरल अस्पताल को 100 बेड के सिविल अस्पताल में अपग्रेड किया गया। भ्रांता-मैंझा में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी स्थापित हुई, हलदरा कोना में क्षार सूत्र केंद्र खोला गया। टांडा मेडिकल कॉलेज में 40 करोड़ रुपये की लागत से मदर-चाइल्ड यूनिट स्थापित की गई। घर-घर टीबी जांच अभियान शुरू किया गया और आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया।
परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं को निष्क्रिय करने का प्रयास किया। गरीब परिवारों को मिलने वाली मुफ्त इलाज की सुविधा पर असर पड़ा और विकास कार्यों की रफ्तार थम गई।
मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “आप सुलह विधानसभा को छोड़िए, आप केवल यह बताइए कि मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश में एक भी ऐतिहासिक उपलब्धि क्या दी? यदि कोई एक ठोस कार्य बता दें, तो मैं मान जाऊंगा। तीन साल से अधिक समय में प्रदेश को दिशा देने वाला एक भी निर्णय नजर नहीं आता। केवल भाषणों से विकास नहीं होता।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों ने प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। भाजपा सरकार के समय जो योजनाएं तीव्र गति से आगे बढ़ रही थीं, उन्हें रोक दिया गया।
परमार ने दृढ़ स्वर में कहा, “मैं सुलह विधानसभा क्षेत्र को विकसित विधानसभा बनाकर रहूंगा। यदि इसके लिए मुझे कोई भी चुनौती स्वीकार करनी पड़े, तो मैं हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हूं। भाजपा सरकार के समय जो विकास कार्य शुरू हुए थे, भाजपा के पुनः सत्ता में आते ही उन्हें तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। अधूरे कार्यों को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाएगा और नई विकास परियोजनाओं की श्रृंखला शुरू होगी।”
उन्होंने कहा कि सुलह की जनता विकास की राजनीति को समझती है और समय आने पर ठहराव की राजनीति का जवाब देगी। “भाजपा की सोच स्पष्ट है — विकास, पारदर्शिता और जनहित। हमने जो मजबूत नींव रखी है, उसी पर सुलह को आदर्श और विकसित विधानसभा क्षेत्र बनाना हमारा संकल्प है, और इस संकल्प से हम पीछे नहीं हटेंगे।”

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