छेश्चु पर्व के शुभ अवसर पर रिवालसर झील के पवित्र घाट में महासंगम आरती का आयोजन

छेश्चु पर्व के शुभ अवसर पर रिवालसर झील के पवित्र घाट में महासंगम आरती का आयोजन

25 से 27 फरवरी तक राज्य स्तरीय छेश्चु मेले का आयोजन, 25 फरवरी को शिक्षा मंत्री करेंगे शुभारंभ


रिवालसर : अजय सूर्या /

‘मिस हिमाचल 2026’ सीजन-2 रहेगा मेले का मुख्य आकर्षण


मंडी जिला की पवित्र रिवालसर झील के तट पर 25 से 27 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छेश्चु मेला भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। बौद्ध गुरु पद्मसंभव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह मेला आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा। मेले की औपचारिक शुरुआत 25 फरवरी को होगी, जिसका शुभारंभ प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर करेंगे। वहीं, 24 फरवरी की सायं रिवालसर झील के पवित्र घाट पर महासंगम आरती एवं जगराते का आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। इस महासंगम आरती में हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के अनुयायी एक साथ एक मंच पर एकत्रित हुए और विश्व शांति, सौहार्द एवं समृद्धि की कामना की। झील के तट पर दीपों की रौशनी, मंत्रोच्चार और भजनों की गूंज ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।


उपमंडल अधिकारी बल्ह स्मृतिका नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें महिला मंडलों की प्रस्तुतियां, लोक नृत्य, लोकगीत और क्षेत्रीय परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। मेले की तीन विशेष सांस्कृतिक संध्याएं — ट्राइबल नाइट, फ्यूजन नाइट और हिंदी नाइट, दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।


इस वर्ष छेश्चु मेले का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मिस हिमाचल 2026’ प्रतियोगिता का दूसरा सीजन होगा। एसडीएम ने बताया कि पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद इस बार भी यह प्रतियोगिता विशेष रूप से शादीशुदा महिलाओं के लिए आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मविश्वास प्रदान करना, उनके भीतर छिपी प्रतिभा को मंच देना और उन्हें अपनी पहचान बनाने का अवसर देना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चरण रिवालसर त्सेचु मेले के साथ-साथ मार्च में आयोजित होने वाले नलवाड़ मेला सुंदरनगर में भी संपन्न होंगे। उन्होंने कहा की इस बार कुल 11 चयनित महिलाएं प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। खास बात यह है कि इनमें सबसे वरिष्ठ प्रतिभागी की आयु 57 वर्ष है, जो समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रही हैं। आगामी चरणों में ‘मदर एंड डॉटर’ और ‘मदर एंड सन’ जैसे विशेष राउंड भी रखे गए हैं, जिनमें मां और बच्चों के भावनात्मक जुड़ाव को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।


एसडीएम बल्ह ने कहा कि यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। रिवालसर झील के तट पर होने वाले इस सौंदर्य, संस्कृति और आस्था के संगम को लेकर पूरे मंडी जिले में खासा उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज्वाली के हार, नाणा, बालदोआ सड़क 10 से 23 अक्टूबर तक रहेगी बंद, जानें वैकल्पिक रूट

​राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरमाड़ की छात्रा अंशिका धीमान ने जिला स्तरीय 3000 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदक !

छुट्टी पर घर आए फौजी युवक की सड़क हादसे में मौत, दो अन्य गंभीर घायल

जौंटा व खज्जियां के युवकों से 10.47 ग्राम चिट्टा हुआ बरामद, सीट के फुट मैट के नीचे छिपाया था

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के PSO रहे बलवंत पठानिया का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

क्षेत्र में 6 दिन हुई भूख हड़ताल के समापन पर अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के निदेशक राजेश सिंह पठानिया ने उठाए अनेको सवाल

जिला पुलिस नूरपुर की एक टीम ने अपनी बुद्धिमत्ता से 48 घंटे में चोरी का मामला सुलझाया गया

गुरुकुल में अंडरग्राउंड पानी की टंकी की सफ़ाई के दौरान चार बच्चों की मौत

बल्ह कांग्रेस ने आउटसोर्स कर्मचारियों से की मुलाकात, हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

मिनी सचिवालय फतेहपुर में खुली कैंटीन, बाजार से कम दाम पर मिलेगा ब्रेकफास्ट और लंच