त्रिवेणी धर्म स्थली रिवालसर में छेश्चु मेले का दूसरा दिन: छम्म नृत्य और भव्य शोभायात्रा रहे मुख्य आकर्षण
त्रिवेणी धर्म स्थली रिवालसर में छेश्चु मेले का दूसरा दिन: छम्म नृत्य और भव्य शोभायात्रा रहे मुख्य आकर्षण
रिवालसर : अजय सूर्या /
त्रिवेणी धर्म स्थली रिवालसर में बौद्ध धर्म के अनुयायियों द्वारा मनाए जा रहे राज्य स्तरीय छेश्चु मेले के दूसरे दिन कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति और आस्था से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विशाल चम्बयाल, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड ने शिरकत की।
मेले के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण पारंपरिक छम्म नृत्य और भव्य शोभायात्रा रही। छम्म नृत्य देखने के लिए बौद्ध अनुयायी सुबह से ही बड़ी संख्या में रिवालसर पहुंचने लगे थे। इस पवित्र नृत्य में बौद्ध भिक्षु महान गुरु गुरु पदम सम्भव के दस अवतारों का रूप धारण कर आध्यात्मिक नृत्य प्रस्तुत करते हैं, जो बौद्ध संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
इसके साथ ही बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पवित्र रिवालसर झील की परिक्रमा करते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा।
मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें कबायली कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके अतिरिक्त मिसेज हिमाचल प्रतियोगिता का प्रथम चरण भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर संजीव गुलेरिया, चेयरमैन एपीएमसी मंडी, एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी, नायब तहसीलदार कृष्ण चंद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
छेश्चु मेला बौद्ध संस्कृति, आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।


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