मन की बात का 131वां एपिसोड दिशासूचक, नया भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा: विपिन सिंह परमार - Smachar

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मन की बात का 131वां एपिसोड दिशासूचक, नया भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा: विपिन सिंह परमार

 मन की बात का 131वां एपिसोड दिशासूचक, नया भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा: विपिन सिंह परमार


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत रक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर एक 'सशक्त और नया भारत' के रूप में उभरा

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक

विपिन सिंह परमार

पालमपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में दिया गया उद्बोधन ऐतिहासिक और दिशासूचक रहा भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि विश्व मंच पर आत्मविश्वास से खड़े नए भारत की उद्घोषणा है। परमार ने बताया कि मोदी ने स्पष्ट किया कि आज का भारत संकोच नहीं, संकल्प की भाषा बोलता है। आज का भारत अनुसरण नहीं, नेतृत्व करता है। कहा कि भारत तकनीक, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के संगम से वैश्विक दिशा तय करने की क्षमता रखता है।

विपिन सिंह परमार ने रविवार को अरला बूथ नम्बर 42 पर कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात सुनी। इससे पहले परमार ने 

गांव भट्टू में आरोग्य भारती, हिमाचल प्रांत द्वारा आयोजित Electrohomeopathy स्वास्थ्य शिविर का भी विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर परमार ने बताया कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की तकनीकी सामर्थ्य जिस बुलंदी के साथ सामने आई है, उसने विश्व को यह संदेश दे दिया है कि 21वीं सदी के नेतृत्व में भारत निर्णायक भूमिका निभा रहा है। भारत अब तकनीक का उपभोक्ता भर नहीं, बल्कि नवाचार का निर्माता और वैश्विक नीति निर्धारण में अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित विषय नहीं, बल्कि खेत-खलिहानों, डेयरी, पशुपालन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है।

बताया कि किसान 24×7 एआई आधारित प्रणालियों के माध्यम से पशुधन की निगरानी कर रहे हैं, उपचार में तकनीक का उपयोग हो रहा है और उत्पादन लागत में कमी आ रही है। यह विकसित भारत की जमीनी सच्चाई है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व के प्रमुख नेताओं और टेक कंपनियों के सीईओ द्वारा भारत की क्षमता को स्वीकार करना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक नेतृत्व की प्रथम पंक्ति में खड़ा है।

परमार ने बताया कि अंगदान के विषय को उठाते हुए मोदी ने केरल की मासूम बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम और दिल्ली की लक्ष्मी देवी जैसी प्रेरक कहानियों का उल्लेख किया। कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता का महादान है। एक निर्णय कई जिंदगियों में उजाला ला सकता है। संवेदनशीलता के साथ समाज से इस पुनीत कार्य में भागीदारी का आह्वान किया।

परमार ने बताया कि मोदी ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सजगता अनिवार्य है। कहा कि ठग नई-नई चालों से लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, इसलिए नागरिकों को डरने की नहीं, जागरूक बनने की आवश्यकता है। तकनीक वरदान है, पर असावधानी उसे अभिशाप बना सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को तीन स्पष्ट मंत्र दिए—टेक्नोलॉजी को जिम्मेदारी के साथ अपनाएं, मानवता को सर्वोपरि रखें और डिजिटल दुनिया में सतर्क नागरिक बनें। ‘पंच-प्राण’ की भावना को दोहराते हुए कहा कि भारत की प्रगति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक भी होगी। कहा कि आज का युवा एआई, स्टार्टअप्स और नवाचार के माध्यम से विश्व पटल पर भारत का परचम लहरा रहा है, और यही आत्मनिर्भर भारत की सशक्त यात्रा है।

परमार ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन को जोड़ने वाला राष्ट्रीय अभियान है। राष्ट्र निर्माण का आह्वान है। परमार ने प्रत्येक नागरिक से आग्रह किया कि वे इन संदेशों को आत्मसात करें और तकनीकी रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से संवेदनशील तथा नैतिक रूप से जागरूक भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस मौके पर अरुण राणा, मनोज शर्मा, अरविंद संकड़िया, मोनिका राणा, भार सिंह, विशम्बर सिंह, करुण शर्मा, अनुज राणा, ओम प्रकाश, त्रिलोक, अमित पंचकरण, अक्षय कुमार, रजनी, सरिता तथा अन्य उपस्तिथ रहे।

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