सपनों को लक्ष्य बनाइए और लक्ष्य को जुनून” — जीजीडीएसडी राजपुर महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न
सपनों को लक्ष्य बनाइए और लक्ष्य को जुनून” — जीजीडीएसडी राजपुर महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न
"सपनों को लक्ष्य बनाइए और लक्ष्य को जुनून"
अपनी भावनाओं के साथ दूसरों की भावनाओं का ध्यान रखने का दिया संदेश
जीजीडीएसडी राजपुर महाविद्यालय में मनाया गया वार्षिकोत्सव समारोह
डॉ. देशबंधु रहे मुख्य अतिथि
मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
- गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय, राजपुर में वार्षिकोत्सव समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा (पंजाब, नई दिल्ली) एवं गोस्वामी गणेशदत्त सनातन धर्म शिक्षा समिति (बैजनाथ) के प्रधान डॉ. देशबंधु और सेवानिवृत्त प्राचार्या, आर्य कन्या महाविद्यालय, शाहबाद मारकंड, हरियाणा; शिक्षाविद डॉ. भारती बंधु ने बतौर मुख्यातिथि इस समारोह में भाग लिया और महाविद्यालय के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
डॉ. देशबंधु ने महाविद्यालय की उपलब्धियों के लिए महाविद्यालय के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विवेक शर्मा की सराहना करते हुए छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की।
डॉ. देशबंधु ने अपने उद्बोधन में छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर के दृढ़ निश्चय, उलझन के बिना, योजना बद्ध तरीके से अपना लक्ष्य पाने के लिए प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने डिजिटल युग में सोशल मीडिया के महत्व को स्वीकारा परंतु परिवार से बढ़कर कोई नेटवर्क नहीं है इसका संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी में हर उम्र में सीखने की ललक होनी चाहिए और विपरीत परिस्थिति में हमें दृढ़ता और धैर्य को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने महाविद्यालय में एनएसएस और एनसीसी विंग की प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय पुस्तकालय में 51, 000 राशि की पुस्तकें देने और मेरिट में रहे विद्यार्थियों को विद्यार्थियों को 5100 रुपये की राशि भेंट करने की घोषणा भी की।
महाविद्यालय के निदेशक व प्राचार्य डॉ. विवेक शर्मा ने इस अवसर पर महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों व उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। उन्होंने समारोह की सफलता के लिए महाविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग तथा विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की।
महाविद्यालय निदेशक व प्राचार्या डॉ विवेक शर्मा ने विशेष रूप से इस समारोह में महाविद्यालय से ग्रेजुएशन कर समाज के विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। इन पूर्व छात्रों ने भी महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव सांझा किए ।
महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. मानेश्वर ठाकुर ने महाविद्यालय की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया और सहायक प्राध्यापक आमना देवी ने मुख्यातिथि का जीवन परिचय प्रस्तुत किया सहायक प्राध्यापक अनुराग शर्मा और डॉ. शिल्पी ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया। महाविद्यालय के छात्र परिषद के प्रधान नयन आर खावला ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय के बीबीए विभाग का कांतारा, बीए विभाग की महाभारत पर आधारित नृत्य नाटिका, बीएससी मेडिकल का बिहू, बीएससी नॉन मेडिकल और बीसीए विभाग की गद्दी व हिमाचली नाटी, बीकॉम विभाग के भांगड़ा ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जीजीडीएसडी शिक्षा समिति बैजनाथ के कार्यकारी प्रधान यू. आर. चीमा, महासचिव सतीश शर्मा, वित्त सचिव के. के. शर्मा व महाविद्यालय के निदेशक और प्राचार्य डॉ.विवेक शर्मा ने मुख्यातिथि के साथ शैक्षिक, सांस्कृतिक व खेल वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए, रक्तदान देने वाले छात्रों और शिक्षकों और महाविद्यालय गतिविधियों में बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सेवकों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जीजीडीएसडी शिक्षा समिति बैजनाथ के विभिन्न सदस्य, पालमपुर और आस-पास के क्षेत्रों व प्रतिष्ठित संस्थानों से आए सम्माननीय अतिथि, विद्यार्थी व उनके अविभावक, महाविद्यालय के पूर्व छात्र, प्रेस और मीडिया से आए पत्रकार व महाविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग उपस्थित रहे।


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