हिमाचल: बाहरी राज्य की कंपनी की आयरन-फोलिक गोलियां टेस्ट में फेल, नूरपुर के स्कूल में बच्चे हुए थे बीमार
हिमाचल: बाहरी राज्य की कंपनी की आयरन-फोलिक गोलियां टेस्ट में फेल, नूरपुर के स्कूल में बच्चे हुए थे बीमार
नूरपुर (विनय महाजन): हिमाचल प्रदेश के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 'राजा का बाग' स्थित एक निजी स्कूल में बच्चों को बांटी गई आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां गुणवत्ता परीक्षण (Laboratory Test) में फेल पाई गई हैं। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोलर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
दिसंबर 2025 में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा राजा का बाग के एक निजी स्कूल में बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दी गई थीं। इन गोलियों के सेवन के तुरंत बाद 5 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें पेट में गंभीर समस्या के कारण नूरपुर और पठानकोट के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. दिलबर ने ड्रग इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ड्रग इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर दवा के सैंपल लिए और संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगा दी थी।
लैब रिपोर्ट में हुआ खुलासा
ड्रग इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर ने पुष्टि की है कि बैच नंबर TAF 25006AL के सैंपल लैब टेस्ट में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए:
उक्त बैच की 94,400 गोलियों को जब्त कर लिया है।
दवा निर्माता कंपनी (पालघर, महाराष्ट्र) के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जनता के सवाल और विभाग की सतर्कता
इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या दवा वितरण के समय कोई डॉक्टर या फार्मासिस्ट मौजूद था? अक्सर देखा जाता है कि आशा वर्करों के माध्यम से स्कूलों में दवाइयां बांट दी जाती हैं, जो कि बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
अधिकारी का बयान: "लैब रिपोर्ट मिलने के बाद जिले के सभी SMO और BMO को इस बैच की सप्लाई तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य संस्थानों से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।"


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