पुलवामा हमले की सातवीं बरसी पर राष्ट्र ने अमर शहीदों को किया नमन
पुलवामा हमले की सातवीं बरसी पर राष्ट्र ने अमर शहीदों को किया नमन
पुलवामा हमले की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना हर भारतवासी का कर्तव्य है। आपकी भावनाओं को समेटते हुए, यहाँ एक प्रभावशाली समाचार लेख (News Report) तैयार है:
पुलवामा के अमर बलिदानियों को राष्ट्र का नमन: शौर्य और साहस की सातवीं बरसी
नई दिल्ली
आज पूरा देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में माँ भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों का बलिदान आज भी हर भारतीय की आँखों में नमी और सीने में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर देता है।
अमर शहीदों को श्रद्धांजलि
देशभर में आज सुबह से ही विभिन्न स्मारकों और संस्थानों में शहीदों को श्रद्धांजलि देने का तांता लगा हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, हर नागरिक अपने 'भारत के वीरों' के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है।
त्याग और शौर्य की गौरवगाथा
पुलवामा का वह दिन केवल एक हमला नहीं था, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस की परीक्षा का क्षण था। आज की पीढ़ी के लिए ये शहीद एक प्रेरणापुंज हैं। उनका बलिदान हमें याद दिलाता है कि:
राष्ट्र सर्वोपरि है: देश की अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता।
अटूट संकल्प: भारतीय सेना और सुरक्षा बलों का साहस दुश्मनों के हर नापाक इरादे पर भारी पड़ता है।
कर्तव्यबोध: यह दिन हमें देश के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का अहसास कराता है।
> "शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।"
> देश का संकल्प
सरकार और प्रशासन ने इस अवसर पर शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं दोहराई हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पुलवामा के बाद भारत की रक्षा नीति में आए बड़े बदलावों ने देश की सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाया है।


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