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आरडीजी रोकना हिमाचल के साथ अन्याय: पी.सी. विश्वकर्मा

 आरडीजी रोकना हिमाचल के साथ अन्याय: पी.सी. विश्वकर्मा


नूरपुर : विनय महाजन /

लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कोर समिति के सदस्य पी.सी. विश्वकर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी जाने वाली आरडीजी बंद किए जाने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिस हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री अपने भाषणों में “अपना घर” बताते रहे हैं, उसी प्रदेश के साथ केंद्र सरकार आज वित्तीय भेदभाव कर रही है।


पी.सी. विश्वकर्मा ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को अधिक संसाधन संपन्न बनाया गया है, जबकि राज्यों को सीमित संसाधन देकर जानबूझकर केंद्र पर निर्भर रखा गया, ताकि राज्य केंद्र के कानूनों और आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य रहें। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें इस परंपरा का निर्वहन करती रही हैं, लेकिन वर्तमान मोदी सरकार ने इस व्यवस्था से हटकर हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए ग्रांट न देकर राजनीतिक रवैया अपनाया है।


उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा ओपीएस बहाली तथा महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना केंद्र सरकार को खटक रही है। उनका कहना है कि राजनीतिक आकलनों में सुक्खू सरकार के 2027 में पुनः सत्ता में आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते केंद्र सरकार प्रदेश को वित्तीय रूप से कमजोर करने की रणनीति अपना रही है।


पी.सी. विश्वकर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को अपने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में भी बाधाएं उत्पन्न की हैं। वनों की लकड़ी के उपयोग, जल विद्युत परियोजनाओं में प्रदेश की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने, वॉटर सेस, तथा पौंग बांध से बकाया राशि दिलाने जैसे मुद्दों पर केंद्र सहयोग नहीं कर रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश की बहुचर्चित शानन परियोजना का आज तक हस्तांतरण नहीं हो सका है।


उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश को आर्थिक नुकसान हुआ है, जबकि इससे पूर्व राज्य को अपने कर संग्रह की स्वतंत्रता प्राप्त थी। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटे की भरपाई करे।


पी.सी. विश्वकर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घर का सदस्य मानते हुए पिछले चुनावों में सभी सांसद उनके नाम पर जिताए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संकट के समय राज्यों की मदद का भरोसा दिलाया था।

 

अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रदेशवासियों के हित में संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर व्यापक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए।


यह जानकारी पी.सी. विश्वकर्मा ने आज नूरपुर में जारी एक प्रेस नोट के माध्यम से दी।

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