पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों को भी विधायकों की तर्ज़ पर मिले ऐच्छिक निधि का अधिकार : साधू राम राणा
पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों को भी विधायकों की तर्ज़ पर मिले ऐच्छिक निधि का अधिकार : साधू राम राणा
ज्वाली : राजेश कतनौरिया /
ज्वाली विधानसभा के पूर्व पंचायत समिति सदस्य पंचायत समिति वार्ड डोल पधर साधू राम राणा ने आगामी बजट में पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी विधायकों की तर्ज़ पर ऐच्छिक निधि का प्रावधान करने की मांग करते हुए प्रैस वार्ता में कहा कि विधायकों और सांसदों की तर्ज़ पर पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी जनता की भलाई केलिए जनता चुनती है लेकिन जब कोई पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के चुनाव क्षेत्रों में ऐसी कोई भी अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है तो सबसे पहले पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों द्वारा सर्वप्रथम मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लेने उपरांत प्रशासन को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाता है। लेकिन मामले को गंभीरता से देखने और सहायता योग्य समझते हुए भी धन के अभाव से कोई भी फ़ौरी तौर पर पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि धनराशि के एवज में सहायता नहीं कर पाते हैं जबकि अप्रिय घटना से पीड़ित परिवार को फौरी राहत की जरूरत पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों द्वारा महसूस करने पर भी धन के अभाव से कोई वित्तीय सहायता ना कर पाने से घटना से पीड़ित परिवार भी पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को अप्रत्यक्ष रूप से कोसते रहते हैं और पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों की सीधे तौर पर फौरी तौर पर सहायता ना कर पाने के एवज में शर्मिंदगी महसूस करना पड़ती है । अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध सहित मांग की जाती है कि आगामी बजट में विधायकों की तर्ज़ पर पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के पक्ष में भी ऐच्छिक निधि का प्रावधान किया जाए ताकि पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़े जनप्रतिनिधि भी अपने चुनाव क्षेत्रों में जरुरतमंदों को फौरी राहत के रूप में मदद करने में सक्षम हो सकें।


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