हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत पेंशनर्ज़ फोरम नगरोटा सूरियां की मासिक बैठक आयोजित
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत पेंशनर्ज़ फोरम नगरोटा सूरियां की मासिक बैठक आयोजित
नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत पैंशनर्ज फोरम नगरोटा सूरियां की मासिक बैठक ईकाई प्रधान त्रिलोक मैहरा की अध्यक्षता में लोक निर्माण विश्राम गृह नगरोटा सूरियां में हुई। बैठक में 2 मिनट का मौन रखकर पैंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन संघ नगरोटा सूरियां की सचिव सुभाषना भारती के निधन पर श्रंद्धाजलि अर्पित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए ईकाई सचिव कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जिस बिजली बिल 2025 को लोकसभा में लाने जा रही है वह न तो देश के हित में है न प्रदेश के जनता के न कर्मचारियों व पैंशनर्ज के हित में है यह बिल मात्र धन्ना सेठों के हक में है तथा स्मार्ट मीटर विधुत बोर्ड की सम्पतियों को कौड़ियों के भाब धन्ना सेठों को बेचने की राह है जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से नीजी कम्पनियों को सरकार विधुत बोर्ड जैसे कमाऊ पुत्र को परोस कर धन्ना सेठों को दे रही है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा कार्यरत विधुत विभाग के आऊट सोर्सिस कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा जिस कारण ऐसे कर्मचारी 10-15 बर्ष बोर्ड में सेवाएं देने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे। भारद्वाज ने कहा कि बोर्ड में धन की कोई कमी नहीं है जिस कारण से पैंशनर्ज के देय भुगतान रोके हुए हैं अपितु धन की कमी कुप्रबंधन के कारण है जिनमें सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अकेला जलशक्ति विभाग ही बोर्ड को देयदेन दारियों के 500 करोड़ के लगभग पर कुंडली मारे बैठे हैं जिसके विरुद्ध बोर्ड को कार्यवाही करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी हिमाचल प्रदेश की अपील पर 12 फरवरी को दोपहर भोजन अवकाश के समय विधुत उपमंडल नगरोटा सूरियां के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन में नगरोटा सूरियां ईकाई भाग लेंगी तथा केंद्र की वैहरी सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा जिस स्थानीय बुद्धिजीवी व आम आदमी का भी समर्थन लिया जाएगा। बैठक में ईकाई उपप्रधान, सुदेश कुमारी, संतोष कुमारी, त्रिलोचन सिंह, संगठन सचिव ईकाई प्रकाश कंडवाल, वित सचिव जोगिंदर सिंह लेख राज, नरेश कुमार, ई सुधीर मनकोटिया सहित 40 से ज्यादा पैंनशर्ज ने भाग लिया।


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