कुठेड़ सड़क पर स्थित बुलुआ मोड़ वर्तमान में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
कुठेड़ सड़क पर स्थित बुलुआ मोड़ वर्तमान में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठेड़ और गागला के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आज उपायुक्त चम्बा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इस सड़क के तकनीकी सुधार और स्थायी समाधान की मांग की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के तहत इस सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, सड़क का सबसे संवेदनशील हिस्सा यानी बुलुआ मोड़ अपनी खड़ी चढ़ाई और तीखे मोड़ के कारण दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बावजूद इस मोड़ को तकनीकी मानकों के अनुरूप सुरक्षित नहीं बनाया गया है। पूर्व में विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद भी अब तक कोई ठोस सुधार कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2012 में इसी मार्ग पर हुई उस भीषण बस दुर्घटना का जिक्र किया जिसने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे फिर से वैसी त्रासदी नहीं देखना चाहते। हाल ही में इस स्थान पर फिर से दुर्घटना जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं, जिससे स्थानीय जनता में गहरा रोष और भय व्याप्त है। उन्होंने मांग की है ग्रहण बुलुआ मोड़ का तत्काल उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण करवाया जाए।मोड़ को सुरक्षित और मानक अनुरूप बनाने के लिए स्थायी सुधार कार्य शुरू किया जाए। जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में यहां कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।


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