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प्रदेश में किस किस सरकार के कार्यकाल में कितना कर्जा लिया गया उस पर सरकार श्वेत पत्र जारी करें

 प्रदेश में किस किस सरकार के कार्यकाल में कितना कर्जा लिया गया उस पर सरकार श्वेत पत्र जारी करें


 नूरपुर : विनय महाजन /

 नूरपुर भारत जोड़ो अभियान एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने एक प्रेस विज्ञाप्ति मे हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार से आग्रह किया है कि वे प्रदेश मे किस किस सरकार के कार्यकाल में कितना कितना कर्ज लिया उस पर एक श्वेत पत्र जारी करे l और यह भी दर्शाए जाए कि किस कार्यकाल में केंद्र ने उदारता से किस कार्यकाल में ग्रांट्स दी और कौन से कार्यकाल में हिमाचल सरकार का गला घोंटने के प्रयास किया।पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि 280 धारा के तहत जो वित्त आयोग गठित होता उसके लिए टर्म्स और कंडिशन सरकार ही तय करती है,लेकिन ऐसे आयोग की सिफारिशों को मानना या न मानना सब केंद्र सरकार तय करती है।16 वें वित्त आयोग ने यद्यपि हिमाचल को राजस्व गैप धनराशि पर पूर्ण कट लगा दिया है लेकिन केंद्र सरकार चाहे तो उदारता से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट देने में सक्षम है कोई रुकावट नहीं है। हिमाचल सरकार प्रदेश मे बीजेपी के बड़े नेता को भी साथ चलने को तैयार कर ले और सब मिलकर मोदी को कन्विंस करें।दूसरा विकल्प कोर्ट का है कि वित्त आयोग से जवाब लिया जाए कि पन्द्रवें वित्त आयोग के कार्यकाल में किस दिशा में हिमाचल की आर्थिक हालत में व्यापक सुधार हुआ है जिस से उत्साहित होकर 16 वें वित्त आयोग को आर डी ग्रांट बंद करने की सिफारिश करनी पड़ी।एक तरफ हिमाचल विशेष कैटिगरी का दर्जा प्राप्त लेकिन दूसरी ओर कट लगाकर केंद्र सरकार प्रदेश को तंग कर रही है।अवसर वादी नीतियों से नहीं बल्कि सिद्धांतों की राजनीति जनहित मे होनी चाहिए़। उन्होंने कहा कि देश में काफ़ी समय से 27 हजार करोड़ रूपये भारत के बैंकों में जमा है इसका उपयोग लाना चाहिए l यह बात हिमाचल प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ एवं वृद्ध नेता शांता कुमार कई बार मीडिया में ऐसी स्टेटमेंट दे चुके हैं कि भारत सरकार को इस पैसे को सदपयोग लाना चाहिए l उन्होंने प्रदेश में प्रतिपक्ष नेता जयराम ठाकुर से भी आग्रह किया है कि वह भी इस मामले में गौर करेंl

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