मुंहासों के बढ़ते मामले: समय पर उपचार और आयुर्वेदिक देखभाल से मिल सकता है समाधान:डॉ सन्नी जरियाल
मुंहासों के बढ़ते मामले: समय पर उपचार और आयुर्वेदिक देखभाल से मिल सकता है समाधान:डॉ सन्नी जरियाल
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर वर्तमान समय में मुंहासे केवल किशोरावस्था तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं और वयस्कों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह जानकारी जिला कांगड़ा के सुलयाली अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सन्नी जरियाल ने कहा कि यदि समय रहते उचित उपचार न लिया जाए तो मुंहासे स्थायी दाग, त्वचा की असमानता और मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से इस समस्या को हल्के में न लेने की अपील की। डा जरियाल ने बताया कि मुहासे की बीमारी शरीर में कैसे पनपत्ति है l उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय दृष्टि से मुंहासे त्वचा में अत्यधिक तेल स्राव, रोमछिद्रों के बंद होने, जीवाणुओं की वृद्धि और सूजन की संयुक्त प्रक्रिया का परिणाम हैं। इसके चलते ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स, लाल पिंपल और दर्दयुक्त दाने विकसित होते हैं। डॉ. जरियाल ने स्पष्ट किया कि मुंहासे गंदगी से नहीं, बल्कि शरीर की आंतरिक जैविक प्रक्रिया से होते हैंl इन्ही कारणों से यह समस्या बढ़ती है l विशेषज्ञों के अनुसार हार्मोनल बदलाव, अधिक मीठा व जंक फूड, लगातार तनाव, कम नींद, तैलीय सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग और बिना सलाह स्टेरॉयड क्रीम लगाने से समस्या गंभीर हो सकती है। इसके उपचार में लापरवाही न करl उन्होंने वताया कि मुंहासों का उपचार उनकी गंभीरता के अनुसार किया जाता है। हल्के मामलों में औषधीय क्रीम व जैल लाभकारी होते हैं, जबकि मध्यम या गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय निगरानी में दवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। बार-बार दाग छोड़ने वाले मामलों में नियमित फॉलो-अप जरूरी है। डॉ. जरियाल ने चेताया कि स्व-उपचार या अधूरा इलाज स्थिति को जटिल बना सकता है।संतुलित व कम शर्करा वाला आहार, पर्याप्त पानी, 7–8 घंटे की नींद और योग-ध्यान से तनाव नियंत्रण मुंहासों की रोकथाम में सहायक हैं। पिंपल को दबाने, कठोर साबुन के प्रयोग और अत्यधिक सफाई से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान हो सकता है।यदि मुंहासे दर्दयुक्त हों, दाग छोड़ रहे हों, 25 वर्ष की आयु के बाद भी लगातार बने रहें या 4–6 सप्ताह के उपचार के बाद भी सुधार न हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंहासे एक नियंत्रित और उपचार योग्य त्वचा रोग है। समय पर सही परामर्श, वैज्ञानिक उपचार और संतुलित जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ और दागरहित त्वचा पाई जा सकती है।


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