प्रदेश में एक वाहरी राज्य की कंपनी द्वारानिर्मित निर्मितआयरन फोलिक गोलियों के सैंपल फेल
प्रदेश में एक वाहरी राज्य की कंपनी द्वारानिर्मित निर्मितआयरन फोलिक गोलियों के सैंपल फेल
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के राजा के वाग के एक निजी स्कूलों में बच्चों को दी गई थी ये गोलियां दिसम्बर 25 नूरपुर से विनय महाजन नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांब राजा का बाग में एक निजी स्कूल में कुछ माह पहले ब्लॉक मेडिकल नूरपुर के रेंज मे स्वास्थ्य विभाग मे कर्मचारियों द्वारा दिसंबर2025 में स्कूल के बच्चों को आयरन-फोलिक की गोलिया दी गई थी l जिसमें कुछ बच्चे मौके पर बीमार हो गए थे लेकिन तुरंत मेडिकल उपचार के माध्यम से वच्चे ठीक हो गए थेl क्षेत्र में इस चर्चा को लेकर उसे समय काफी प्रश्न उत्पन्न हुए कि जो आयरन फोलिक एसिड की गोलियां स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस निजी स्कूलों में दी गई क्या उनकी क्वालिटी ठीक थी? जब यह मामला ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉक्टर दिलबर के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत ड्रग निरीक्षक प्यारचंद ठाकुर को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए थे l ड्रग इंस्पेक्टर प्यारचंद ठाकुर ने मौके पर जाकर आयरन फोलिक एसिड गोलियों के सैंपल लिए और उसी समय कंपनी निर्देश दिए जब तक सैंपल का रिजल्ट नहीं आता तब तक कंपनी इस वैच की दवाई मार्केट में बिक्री नहीं करेगी l इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर प्यारचंद ठाकुर ने बताया कि जो सैंपल उन्होंने लिए थे आज उनका परिणाम सामने आया कि दो दवाई बच्चों को दी गई थी उस दवाई के फोलिक एसिड की गोलियों का बैच लैबोरेटरी टेस्ट में फेल हो गया है। उन्होंने बताया कि दिसंबर में 5 छात्रों के बीमार होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। ड्रग इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर ने बताया कि बैच नंबर TAF 25006AL की 94,400 गोलियों को जब्त कर लिया गया है lअब दवाई कंपनी महाराष्ट्र की पालघर स्थित निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। क्षेत्र में इस दवाई के सैंपल के फेल होने की सूचना जब अभिभावकों व नागरिकों को मिली वह भी हैरान हो गए l इस मामले में क्षेत्र वासियों का कहना है कि क्या राजा का बाग के इस निजी स्कूल में जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह दवाई बच्चों को वितरित की जा रही थी तब उस समय कोई भी फार्मासिस्ट या डॉक्टर उनके साथ मौजूद था?अक्सर ऐसा होता है कि स्वास्थ्य विभाग बिना फार्मासिस्ट के इन दवाइयां को आशा वर्करो की मदद से स्कूल की मैडम को वितरित कर देता है जो स्वास्थ्य के लिए एक प्रश्न चिन्ह हैl क्या भविष्य में स्वास्थ्य विभाग इस मामले में ध्यान रखेगा? ऐसे अनेको प्रश्न जनता की जुबान पर चर्चित है l गौरतलव है कि 24 दिसंबर को निजी स्कूल में आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की गई थीं। इसके बाद 5 छात्रों को अचानक पेट की समस्या हो गई और उन्हें नूरपुर और पठानकोट के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने पूरे बैच को जब्त कर लिया था।आखिरकार यह मामला स्वास्थ्य विभाग के नोटिस में आ चुका है lइस मामले में स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लैबोरेटरी रिपोर्ट मिलने के बाद जिले के सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसरों और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों को इस बैच की गोलियों का वितरण रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वे अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से भी इस बैच की गोलियों के नमूने लें और लैबोरेटरी टेस्ट के लिए भेजें।


कोई टिप्पणी नहीं