जी बी एस एस एस नूरपुर प्रबंधन समिति व सदस्यों ने मिलकर एक जुट होकर नूरपुर एसडीएम को ज्ञापन दिया
जी बी एस एस एस नूरपुर प्रबंधन समिति व सदस्यों ने मिलकर एक जुट होकर नूरपुर एसडीएम को ज्ञापन दिया
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर जी बी एस एस एस नूरपुर की विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सदस्य( एस एम सी ) द्वारा व्यवस्था परिवर्तन सरकार के प्रशासन एस डी एम को सरकार के निर्णय को लेकर जनहित में एक ज्ञापन सौपाl इस कार्यक्रम की शिरकत स्कूल की एस एम सी के प्रधान राजेंद्र कुमार ने कीl प्रदर्शनकारियो का एक ही नारा था कि हम सबका यही है नारा, एचपी बोर्ड रहे स्कूल हमारा, हमारा स्कूल मर्ज मत करो l इस प्रकार एचपी बोर्ड करो' के नारों से नूरपुर शहर सरकार के इस निर्णय से काफी विरोध आज एस एम सी प्रबंधन कमेटी में देखने को मिला l राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नूरपुर को पीएम बक्शी टेक चंद राजकीय मॉडल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुर में मर्ज किए जाने के आदेशों के विरोध को लेकर व शिक्षा विभाग के कुछ मुलाजिमो में भी भीतरी तौर पर यहां काफ़ी रोष देखने को मिलाl सरकार की इस कार्यवाही से शिक्षा विभाग में भी काफी हलचल मची l नूरपुर शहर में आज के विरोध में छात्रों ने अपने अभिभावकों के साथ शहर में रोष रैली निकाली और जमकर सरकार के इस निर्णय पर खुलकर विरोध में नारेबाजी हुई । इस अवसर पर राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नूरपुर की प्रबंधक कमेटी का कहना है कि नूरपुर शहर में इस विद्यालय के अतिरिक्त एनसीआरटी बोर्ड का कोई भी स्कूल नहीं है। और सरकार के आदेश अनुसार प्रत्येक विद्यार्थी को सरकारी नौकरी के लिए हिमाचल प्रदेश बोर्ड का एक प्रमाण पत्र लेना जरूरी है l इससे एचपी बोर्ड से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। छात्र सी बी एस ई की पढ़ाई तो गर्ल्स स्कूल से कर सकते हैं, लेकिन इस स्कूल के मर्ज होने से एचपी बोर्ड की शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को 8 से 10 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ सकता है। सबसे अधिक दिक्क्त छठी और सातवीं के छात्रों को हो सकती है। स्कूल प्रबंधन कमेटी, छात्रों और उनके अभिभावकों ने मांग की है कि ब्वॉय स्कूल को एचपी बोर्ड रहने दिया जाए,ताकि नूरपुर शहर में एक स्कूल एचपी बोर्ड का भी हो। उधर कुछ लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में सरकार के पास अभी तक पूरा स्टाफ नहीं है अगर सरकार का यह निर्णय लागू हो जाता है वह फिर स्कूल की व्यवस्था को संभालने के लिए कौन जिम्मेदार होगा?


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