मापदंड पूरा करने के बावजूद बंद किए गये स्कूल को खुलवाने के लिए मंडी में शिक्षा उप निदेशक (प्रारंभिक) से मिला प्रतिनिधिमंडल

मापदंड पूरा करने के बावजूद बंद किए गये स्कूल को खुलवाने के लिए मंडी में शिक्षा उप निदेशक (प्रारंभिक) से मिला प्रतिनिधिमंडल


मंडी : अजय सूर्या /

प्राथमिक शिक्षा खंड चौन्तड़ा के तहत ग्राम पंचायत ऐह्जू के खोहली गाँव में पिछले 5 दशकों से चल रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली को बंद करने और इसे ऐह्जू स्कूल में विलय करने के फैसले के खिलाफ जिला परिषद् सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में खोहली, रोपी व तरामट गाँवों के अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन कमेटी व अन्य गाँव वासियों ने मोर्चा खोल दिया है. कुछ दिन पहले ही कुशाल भारद्वाज ने स्कूल का दौरा किया था तथा अभिभावकों व स्कूली बच्चों के साथ भी मुलाक़ात करते हुए स्कूल बंद करने के फैसले का कड़ा संज्ञान लिया था. इस सम्बन्ध में उन्होंने जिला व राज्य स्तर पर उचाधिकारियों से भी बात की थी  


आज कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा (प्रारम्भिक) के उप निदेशक डॉक्टर सुनील ठाकुर से मंडी स्थित उनके कार्यालय में मुलाक़ात की तथा एक ज्ञापन भी सौंपा. कुशाल भारद्वाज ने कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली को गलत तरीके से बंद किया गया है क्योंकि इस वक्त स्कूल में 12 छात्र दाखिल हैं जिनमें से 6 प्राइमरी में व 6 प्री प्राइमरी में हैं। सरकार ने मापदंड तय किया है कि 5 से कम संख्या वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा, हालांकि शिक्षा का असली मकसद तो यही है कि यदि किसी संस्थान में एक बच्चा भी पढ़ रहा है तो भी स्कूल बंद नहीं होना चाहिए. हालंकि खोहली स्कूल तो सरकार के ही तय मापदंडों को पूरा करता है। इसलिए इस स्कूल को बंद करने बारे जो मानवीय चूक हुई है उसे तुरंत सुधारते हुए स्कूल को बंद करने तथा इसका ऐह्जू स्कूल के साथ विलय करने की पूर्व अधिसूचना को रद्द करते हुए स्कूल को वहाल किया जाए।


जिला परिषद् कुशाल भारद्वाज ने कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली की स्थापना सन 1978 में हुई थी और इस स्कूल के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी भूमि भी दान की थी। जिस वक्त इस स्कूल को बंद करने का आदेश आया तो उस दौरान इसमें कुल 12 बच्चे दाखिल थे, दो महीने पहले ही इन नन्हे छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में दाखिला लिया था और बीच सत्र में स्कूल बंद करने से अभिभावकों और स्थानीय जनता में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि जहां पर यह पाठशाला है वहां से ऐह्जू स्कूल की दूरी लगभग दो किलोमीटर है तथा जिनगाँवों से बच्चे पढने आते हैं वहां से तो यह दूरी 3 से चार किलोमीटर हो जाती है तथा इस क्षेत्र में जंगली जानवर और आवारा पशु भी भी बहुत ज्यादा हैं. कई साल पहले भी इस क्षेत्र में जंगली जानवर कई बच्चों पर हमले किये हैं।


उन्होंने कहा कि स्कूल के रास्ते में दो नाले पड़ते हैं जिस कारण भी स्कूल जाने में कठिनाई बढ़ जायेगी। यदि इन बच्चों को अब पढ़ाई के लिए ऐह्जू जाना पड़ेगा तो रास्ते में एक तंग सड़क से जाना पड़ेगा जहां कई बार तेज गति से वाहन चलते हैं और बच्चों को हर समय खतरा रहेगा। जिन अभिभावकों के बच्चे राजकीय प्राथमिक पाठशाला खोहली में पढ़ रहे हैं उनमें से अधिकाँश दिहाड़ी मजदूरी करने बाहर जाते हैं तथा उनके लिए यह संभव नहीं होगा कि वे इन नन्हें बच्चों को हर दिन दूर स्कूल छोड़ने और वापस घर लाने के लिए समय निकाल सकें. जिससे बच्चों को अकेले भेजने पर जोखिम और भी बढ़ जाएगा। यदि इस पाठशाला को वहाल नहीं किया गया तो कुछ गरीब बच्चों की पढ़ाई भी छूट जायेगी।


कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यदि 10 दिन के अन्दर स्कूल वहाली की नई नोटिफिकेशन नहीं आई तो उग्र आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षा उप निदेशक ने आश्वस्त किया कि उपरोक्त सारे तथ्य शिक्षा निदेशालय को भेज दिए जायेंगे और कुछ पहले भी भेज दिए हैं तथा जिला परिषद् सदस्य के माद्यम से क्षेत्र वासियों व एसएमसी सदस्यों की चिंता जताई है उसको उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है तथा इस सम्बन्ध में सरकार व उच्चाधिकारियों का रूख भी सकारात्मक है कि यदि निर्धारित मापदंड के अनुरूप संख्या है तो बंद स्कूलों को भी खोल दिया जाएगा।


कुशाल भारद्वाज ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने अलग से एक बैठक करते हुए तय किया कि स्कूल बंद करने की नोटिफिकेशन को रद्द करने और इसे पुनः खुलवाने के लिए वे सरकार को 10 दिन का समय दे रहे हैं. इसलिए सोमवार 13 जुलाई को एसडीएम कार्यालय पर प्रस्तावित धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यदि 10 दिन के अन्दर कार्यवाही नहीं हुई तो फिर बड़ा आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा और यदि जरूरी हुआ तो वे इस मुद्दे को उच्च न्यायालय तक भी ले जायेंगे।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर