चिट्टा तस्करों के खिलाफ कानून हो और सख्त, उम्रकैद का हो प्रावधान : सुरेंद्र कुमार
चिट्टा तस्करों के खिलाफ कानून हो और सख्त, उम्रकैद का हो प्रावधान : सुरेंद्र कुमार
सीसीआईडी ट्रस्ट हिमाचल प्रदेश के आरटीआई राष्ट्रीय सक्रिय अधिकारी ने सरकार से उठाई मांग
अजय सूर्या | मंडी
सीसीआईडी ट्रस्ट हिमाचल प्रदेश के आरटीआई राष्ट्रीय सक्रिय अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने राज्य सरकार से चिट्टा (नशा) के सेवन और इसके अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानून को और अधिक कठोर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रही नशाखोरी समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे में इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं।
सुरेंद्र कुमार ने कहा कि चिट्टा जैसे घातक नशे के कारण अनेक परिवार बर्बाद हो रहे हैं और युवा अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि चिट्टा की तस्करी, बिक्री और अवैध व्यापार में शामिल दोषियों के लिए आजीवन कारावास (उम्रकैद) का प्रावधान किया जाए, ताकि इस अपराध में शामिल लोगों में कानून का भय पैदा हो और नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और प्रशासन को मिलकर जनजागरूकता अभियान भी चलाना होगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रमों को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
सुरेंद्र कुमार ने विश्वास जताया कि यदि सरकार कठोर कानून बनाकर प्रभावी ढंग से लागू करती है तो प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
बॉक्स : प्रमुख मांगें
चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ कानून को और सख्त बनाया जाए।
नशे की तस्करी और अवैध व्यापार में दोषी पाए जाने वालों के लिए उम्रकैद का प्रावधान हो।
नशा तस्करों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं।
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