स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव: कतर से भारत आ रहे LNG जहाज पर ड्रोन हमला, ईरान पर लगे आरोप
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव: कतर से भारत आ रहे LNG जहाज पर ड्रोन हमला, ईरान पर लगे आरोप
दोहा/नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक बार फिर समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कतर के रास लाफान बंदरगाह से भारत के दहेज (गुजरात) आ रहे एक LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से लदे जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया है। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 29 क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
हमले का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तभी उसे ड्रोन ने निशाना बनाया। हमले के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और भारी धुआं फैल गया। हालांकि, जहाज को तकनीकी नुकसान पहुंचने के बावजूद यह अपनी यात्रा जारी रखने में सक्षम है। आरपीएसएल (RPSL) द्वारा तुरंत डीजीसीओएमएम (DGCOMM) को घटना की सूचना दी गई। गनीमत यह रही कि इस हमले से पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
कतर ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार
इस घटना के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान के उप-राजदूत को तलब किया है और आधिकारिक रूप से 'प्रोटेस्ट नोट' सौंपा है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन करार दिया है।
कतर ने ईरान से स्पष्ट रूप से कहा है:
क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने वाली गतिविधियों को तत्काल बंद किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न हो।
कतर ने इस हमले और इससे हुए किसी भी नुकसान के लिए ईरान को पूरी तरह से कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
वैश्विक चिंता का विषय
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस शिपिंग मार्गों में से एक है। हाल के दिनों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं ने न केवल भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा की चिंताएं बढ़ा दी हैं, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
फिलहाल संबंधित समुद्री अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया गया है।
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें