उपायुक्त कांगड़ा ने मानसून के दौरान नदियों, खड्डों व जलाशयों के समीप जाने पर लगाई रोक

 उपायुक्त कांगड़ा ने मानसून के दौरान नदियों, खड्डों व जलाशयों के समीप जाने पर लगाई रोक



धर्मशाला, 7 जुलाई: मानसून के मद्देनजर जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जिला कांगड़ा में नदियों, खड्डों, नालों, झरनों, बांधों, जलाशयों तथा अन्य जल स्रोतों के समीप जाने और जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किए गए हैं।उपायुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान भारी वर्षा के कारण नदियों, खड्डों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे फ्लैश फ्लड, तेज बहाव और भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लोगों तथा पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।आदेशों के अनुसार आम नागरिकों, पर्यटकों और आगंतुकों को वर्षा के दौरान अथवा उसके तुरंत बाद नदियों, खड्डों, नालों, झरनों, बांधों, जलाशयों तथा अन्य जल स्रोतों के निकट जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जलमग्न सड़कों, पुलों, पुलियों अथवा बहाव वाले मार्गों को पार करने का प्रयास नहीं करने को कहा गया है। नदियों एवं अन्य जल स्रोतों में स्नान, तैराकी, मछली पकड़ना, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। अभिभावकों से बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की अपील की गई है।उपायुक्त ने होटल एवं होम-स्टे संचालकों, टूर ऑपरेटरों, टैक्सी ऑपरेटरों तथा एडवेंचर पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों को पर्यटकों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी उपमंडल अधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों तथा संबंधित विभागों को आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।उपायुक्त ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन सेवाएं तथा अन्य संबंधित विभाग पूरे मानसून काल में सतर्क रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी आपदा अथवा जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को सूचित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आदेशों का उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 एवं अन्य लागू कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर