बाली चौकी CHC को सिविल अस्पताल बनाने की मांग तेज, किसान सभा 13 जुलाई को सौंपेगी ज्ञापन
बाली चौकी CHC को सिविल अस्पताल बनाने की मांग तेज, किसान सभा 13 जुलाई को सौंपेगी ज्ञापन
अजय सूर्या बाली चौकी, मंडी। हिमाचल किसान सभा लोकल कमेटी बाली चौकी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बाली चौकी को सिविल अस्पताल का दर्जा नहीं मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सभा का कहना है कि बाली चौकी सीएचसी जिला मंडी की लगभग 20 पंचायतों तथा कुल्लू जिले की 6 पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए हिमाचल किसान सभा की राज्य कमेटी के सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि क्षेत्र में कई नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित हो चुके हैं, लेकिन बाली चौकी अभी भी लेवल-1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित नहीं किए गए हैं और स्वास्थ्य सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं।
किसान सभा ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ के पद सृजित किए बाली चौकी सीएचसी को सिविल अस्पताल घोषित कर दिया था, जो लोगों के साथ छलावा साबित हुआ। वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सरकार को अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित आवश्यक पद सृजित करने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय सिविल अस्पताल संबंधी अधिसूचना ही रद्द कर दी गई।
महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि हाल की घटनाओं से सरकार को सबक लेते हुए बाली चौकी सीएचसी को शीघ्र सिविल अस्पताल में अपग्रेड करना चाहिए तथा यहां कम से कम नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर हिमाचल किसान सभा 13 जुलाई 2026 को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बाली चौकी के माध्यम से मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन सौंपेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बाली चौकी को सिविल अस्पताल बनाने की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो किसान सभा भविष्य में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

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