प्राथमिकता पर भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराएं : आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा
प्राथमिकता पर भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराएं : आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा
जिला योजना, विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध पहुंचाने के निर्देश
धर्मशाला जिला कांगड़ा में जिला योजना, विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक सोमवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा विधि मंत्री यादविंद्र गोमा ने की। बैठक में वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 तक) के अंतर्गत नए 20 सूत्रीय कार्यक्रम-2006 की विभागवार भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्राथमिकता के आधार पर भूमि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि लंबित आवेदनों का आवंटन मई माह पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी भूमिहीन परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला में 478 भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए सरकार की ओर से भूमि उपलब्ध करवाई गई है।
समीक्षा के दौरान मनरेगा के अंतर्गत रोजगार उपलब्धता, जॉब कार्ड जारी करने की स्थिति तथा मजदूरी भुगतान की प्रगति पर भी चर्चा की गई। आयुष मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मांग के अनुसार कार्य उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने, उन्हें समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। यादविंद्र गोमा ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति करें।
आयुष मंत्री ने अधिकारियों को उपयोगिता प्रमाण पत्र (यू.सी./सी.सी.) समय पर प्रेषित करने, योजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रदेश में ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ की गई है और चिट्टा की सूचना देने वालों को इनाम भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में न केवल सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित कर रही है, बल्कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास तंत्र को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मादक पदार्थ ‘चिट्टा’ के उन्मूलन के लिए सक्रिय सहयोग दें तथा 112 नंबर पर काॅल करके या नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दे सकते हैं।
बैठक में खाद्य सुरक्षा योजनाओं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छता कार्यक्रम, स्वास्थ्य सेवाओं तथा शिक्षा योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विभागों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विकेन्द्रीकृत योजना के तहत सेक्टरल डीसेंट्रलाइज्ड प्लानिंग (एसडीपी), विकास में जन सहयोग (वीएमजेएस), मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना (एमएमजीपीवाई) तथा अन्य मदों के अंतर्गत वर्ष 2024-25 की योजनाओं के शेल्फ को अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही वर्ष 2025-26 (20 फरवरी 2026 तक) की स्वीकृत योजनाओं, आवंटन और व्यय की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में समिति के गैर-आधिकारिक सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहित के मुद्दे उठाए गए, जिनमें रोजगार, पंचायत स्तर के मामलों का शीघ्र निपटारा तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न, एडीसी विनय कुमार, प्लानिंग आफिसर आलोक धवन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।


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