भारतीय मजदूर संघ इकाई चम्बा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
भारतीय मजदूर संघ इकाई चम्बा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
भारतीय मजदूर संघ इकाई चम्बा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आज संघ द्वारा उपायुक्त चम्बा के माध्यम से प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया, तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि दिसंबर 2025 में सरकार को एक 24 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, जिस पर अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। अपनी मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष सरवन कुमार ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के अस्थाई मजदूरों और सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह निर्धारित किया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये की सहायता राशि और 24,800 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान और स्थाई नीति की मांग भी की। उन्होंने मांग करते हुए कहा मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को भी सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये और 12 महीने का पूर्ण वेतन 26,000 रुपए दिया जाए। वर्ष 2016 के वेतन आयोग का पूरा एरियर और 13% डीए का भुगतान तुरंत किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने जल शक्ति, लोक निर्माण और बिजली विभाग में पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि हिमाचल परिवहन निगम को सुदृढ़ करने के लिए इसे 'रोडवेज' बनाकर कर्मचारियों का वेतन सीधे ट्रेजरी से देने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है, लेकिन कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। यदि सरकार समय रहते बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकालती, तो आगामी समय में होने वाले किसी भी बड़े आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश राणा, सचिव मनजीत सिंह, पवन राणा, केहर सिंह, जगदीश चंद्र, प्रमोद, दिनेश शर्मा, नीलम, ऊषा, कमलेश और रीता देवी सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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