AI इम्पैक्ट समिट में कृत्य पूर्व-नियोजित षड्यंत्र, हिमाचल की कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब” — विपिन सिंह परमार
AI इम्पैक्ट समिट में कृत्य पूर्व-नियोजित षड्यंत्र, हिमाचल की कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब” — विपिन सिंह परमार
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक विधानसभा क्षेत्र सुलाह।(हिमाचल प्रदेश)
पालमपुर
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ अमर्यादित और शर्मनाक कृत्य कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक पूर्व-नियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का असली चेहरा देश और दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।
विपिन परमार ने वीरवार को विधानसभा क्षेत्र के गांव थुरल और चूला में लोगों से संवाद किया। परमार ने ठाणा में सामुदायिक भवन और ग्राम पंचायत थुरल में तीन रास्तों के भी लोकार्पण किया।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि जिन तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं—सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ अवधूत—को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाया गया, वे हिमाचल के निवासी तक नहीं हैं, फिर भी इस पूरी साजिश की राजनीतिक पटकथा हिमाचल की धरती से लिखी गई। यह तथ्य अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि जिस मंच पर भारत की तकनीकी शक्ति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व का प्रदर्शन होना था, वहां कांग्रेस समर्थित तत्वों ने ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन कर देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। यह केवल विरोध नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को बदनाम करने की साजिश थी।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की पहचान शालीनता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से है, लेकिन कांग्रेस सरकार के संरक्षण में ऐसे तत्व सक्रिय हो गए हैं जो प्रदेश की गरिमा को तार-तार करने पर तुले हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना प्रदेश सरकार की नैतिक विफलता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा रोहडू के चिडगांव रेस्ट हाउस से गिरफ्तारी और उसके बाद धर्मपुर (सोलन) के पास हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को रोकना और 20 पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेना, यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार इस मामले को दबाने और राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही थी। विपिन सिंह परमार ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार पारदर्शी होती तो वह कानून की प्रक्रिया में बाधा डालने के बजाय सहयोग करती।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि शिमला कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद भी जिस प्रकार से राजनीतिक बयानबाजी की गई, वह कांग्रेस की हताशा और बौखलाहट को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को दांव पर लगाने से भी पीछे नहीं हट रही।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए विपिन सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इस पूरे घटनाक्रम में उनकी सरकार की क्या भूमिका रही। विपिन सिंह परमार ने कहा कि यह संयोग नहीं हो सकता कि हिमाचल कांग्रेस शासित प्रदेश हो और राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार का अराजक कृत्य सामने आए।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब विचारधारा की नहीं, बल्कि अराजकता, अव्यवस्था और देशविरोधी मानसिकता की राजनीति बन चुकी है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर हंगामा कर भारत की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना कांग्रेस की हताश मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो। विपिन सिंह परमार ने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि इस प्रदर्शन की रूपरेखा कहां तैयार हुई, किसके निर्देश पर कार्यकर्ताओं को भेजा गया, और किन-किन स्तरों पर राजनीतिक संरक्षण मिला। यदि प्रदेश सरकार की किसी भी स्तर पर संलिप्तता सिद्ध होती है तो मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे देश में हिमाचल की किरकिरी करवाई है। प्रदेश की छवि को धूमिल करने का यह कृत्य न केवल निंदनीय है, बल्कि अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश के हितों से कोई सरोकार नहीं, उसे केवल दिल्ली दरबार की राजनीति की चिंता है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रकार के राष्ट्रविरोधी और असंवैधानिक कृत्यों को कभी सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता सब देख रही है और समय आने पर कांग्रेस को इस कृत्य का राजनीतिक मूल्य चुकाना पड़ेगा। भारत की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।


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