सहकारी सभाएं भी खोल सकेंगी एलपीजी वितरण केंद्र और पेट्रोल पंप आउटलेट

 सहकारी सभाएं भी खोल सकेंगी एलपीजी वितरण केंद्र और पेट्रोल पंप आउटलेट

एक समिति ने पेट्रोल पंप आउटलेट के लिए किया आवेदन

जन औषधि केंद्र भी खोल सकेंगे समितियां


जिला सहकारी विकास समिति की बैठक जिलाधीश अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को जिलाधीश कार्यालय में आयोजित की गई। इसमें केंद्र सरकार की ओर से सहकारी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वन बारे विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधीश ने आदेश दिए कि सहकारी समितियों को एलपीजी वितरण केंद्र, पेट्रोल पंप आउटलैट स्थापित करने की सुविधा है, जिसके लिए जिला की सहकारी सभाओं को जागरूक किया जाए। केंद्रीय सरकार की योजना के तहत शिमला जिला के चमियाना सहकारिता मल्टीपर्पज समिति ने पेट्रोल पंप आउटलेट के लिए आवेदन किया हुआ है। वही इसके लिए सरकारी भूमि को स्थानांतरित करने के लिए आवेदन कर दिया है। इसी तर्ज पर अन्य सहकारी समितियों को भी प्रोत्साहित किया जाए ताकि जो सभाएं योग्यताओं को पूरा करती है, उनसे आवदेन करवाया जा सके।

15 दिनों में रिपोर्ट करें तैयार

अनुपम कश्यप ने आदेश दिए कि जिला के हर खंड से बेहतरीन कार्य करने वाली 3 सहकारी समितियों को चयनित किया जाए। इसके अलावा जिला में कार्य कर रही हर सहकारी समिति की रिपोर्ट तैयार की जाए कि कौन सी समिति क्या-क्या सेवाएं मुहैया करवा रही है। जिला में कितनी सभाएं सक्रिय और निष्क्रिय है। ये सारी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जिलाधीश के समक्ष पेश करने के आदेश दिए है।

जेम पोर्टल पर पंजीकरण होगा अनिवार्य

जिलाधीश ने आदेश दिए है कि एक करोड़ से अधिक की सलाना टर्न ओवर वाली सहकारी समितियों का जेम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। जिला में सेवारत लोकमित्र केंद्र या काॅमन सर्विस सेंटर नियमों के अनुसार ही चले, जो सेंटर नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कारवाई अमल में लाने के लिए आदेश दिए।  

जन औषधि केंद्र भी खोले सकेगी समितियां

सहकारी समितियां केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत जन औषधि केंद्र भी स्थापित कर पाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जेनेरिक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है और निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में इस बारे में सहकारी सभाओं को जागरूक कर रहे हैं।

बैठक में बताया गया कि जिला की 109 सहकारी समितियों ने आदर्श उपविधि के तहत अपने आप को बहुउद्देशीय सहकारी समिति में तब्दील कर दिया है। जिला की 229 पंचायतों में 104 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां कार्यरत है। जिला में अनाज भंडारण केंद्र स्थापित करने के लिए भूमि चयनित की जाए, जिसके लिए 1 बीघा से ऊपर जमीन समिति के पास होना अनिवार्य है। जिला में नए किसान उत्पादक संगठन का निर्माण समितियों के माध्यम से किया जाए। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत कृषि में इस्तेमाल होने वाले डीजल से संचालित वाटर पंप को सोलर पंप में परिवर्तित करने पर जोर दें।

इस बैठक में कंचन लता कार्यकारी सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं, मनीत धीर सहायक प्रबंधक नाबार्ड, अरूधीया प्रतिनिधि भारतीय खाद्य निगम, अजब कुमार नेगी, उप निदेशक कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

ज्वाली: विवाहिता ने निगला जहरीला पदार्थ, गंभीर हालत में टांडा रैफर

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग