संदेश

दुग्ध खरीद शर्तों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, प्रबंधन से मांगे तत्काल समाधान

चित्र
  दुग्ध खरीद शर्तों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, प्रबंधन से मांगे तत्काल समाधान मंडी : अजय सूर्या / हिमाचल किसान सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मंडी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर चक्कर स्थित मिल्क चिलिंग प्लांट के प्रबंधक विश्वनाथ शर्मा से मुलाकात की। यह बैठक जिला उपाध्यक्ष परस राम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसानों ने दुग्ध खरीद से जुड़ी नई शर्तों पर कड़ा विरोध जताया। किसान सभा ने प्रबंधन को सौंपे मांग पत्र में कहा कि खरीद संबंधी शर्तों को तुरंत वापस लिया जाए, खासकर वह निर्णय जिसमें महीने में दो बार दूध न लेने की बात कही गई है। किसानों का आरोप है कि एक ओर सरकार दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर उनका दूध नहीं खरीदा जा रहा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बीते दिन दूध नहीं खरीदे जाने से नाराज किसानों ने विरोध स्वरूप सड़कों पर दूध बहा दिया। उन्होंने मांग की कि चिलिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि जिले के सभी किसानों का दूध खरीदा जा सके। इसके अलावा किसानों ने समय पर भुगतान न मिलने क...

ऐतिहासिक शहर चम्बा में आज यातायात के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है।

चित्र
  ऐतिहासिक शहर चम्बा में आज यातायात के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है।  चंबा : जितेन्द्र खन्ना / हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नगर परिषद चम्बा द्वारा शुरू की गई ई-रिक्शा का विधिवत उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में प्रदूषण मुक्त यातायात को बढ़ावा देना और स्थानीय निवासियों, विशेषकर बुजुर्गों को सुविधा प्रदान करना है। इस मौके पर पठानिया ने कहा कि वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए पर्यावरण का संरक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि  चम्बा नगर परिषद ने ई-वाहन सेवा शुरू कर एक सराहनीय पहल की है। यह न केवल शहर की वायु गुणवत्ता को स्वच्छ रखने में मदद करेगा, बल्कि प्रदेश सरकार की ग्रीन ट्रांसपोर्ट नीति को भी बल देगा। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इन वाहनों के चलने से शहर के उन हिस्सों में पहुंच आसान हो जाएगी जहां बड़े वाहन नहीं जा सकते। यह सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें पैदल चलने में कठिनाई होती है। यह स्थानीय नागरिकों को किफायती दरों पर सुगम परिवह...

पूर्व सैनिक लीग रिवालसर के सदस्यों ने उत्साह के साथ मनाया स्थापना दिवस

चित्र
  पूर्व सैनिक लीग रिवालसर के सदस्यों ने उत्साह के साथ मनाया स्थापना दिवस पूर्व सैनिकों ने कल्याण व योजनाओं पर की चर्चा, अध्यक्ष घनश्याम ठाकुर को सफल आयोजन पर दी बधाई रिवालसर : अजय सूर्या / पूर्व सैनिक लीग रिवालसर के तत्वावधान में स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रिवालसर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में लीग के सभी पूर्व सैनिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में लीग के 81 वर्षिय वरिष्ठ सदस्य एवं सेवानिवृत्त नायक मोलक राज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त नायक भास्कर उपस्थित रहे। उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों से संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। वहीं ईसीएचएस (ECHS) मंडी की ओर से अनिल कुमार ने पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, ईसीएचएस सुविधाओं व आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में सुबेदार मेजर (ऑनरेरी लेफ्टिनेंट) नरेश आजाद ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन की एकजुटता पर बल दिया। सुबेदार (ऑनरेरी कैप्टन) यादविंदर ठाकुर ने समाज के प्रति पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना की। कार्य...

प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से रेल संघर्ष समिति द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय रेल मंत्री कार्यालय को दिया गया ज्ञापन

चित्र
  प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से रेल संघर्ष समिति द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय रेल मंत्री कार्यालय को दिया गया ज्ञापन   नूरपुर : विनय महाजन / नूरपुर दिल्ली में आज कांगड़ा घाटी रेल संघर्ष समिति द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अपनी मांगों एवं चिंताओं से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय एवं रेल मंत्री कार्यालय में औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया गया।यह मांग पत्र समिति के सदस्य एवं रेलवे परामर्श कमेटी व नॉर्दर्न रेलवे के सदस्य दीपक भारद्वाज द्वारा जमा करवाया गया। दीपक भारद्वाज ने बातचीत के दौरान बताया कि कांगड़ा रेलवे संघर्ष समिति जनहित के लिए लगातार प्रयासरत है और क्षेत्र की इस ऐतिहासिक रेल धरोहर को बचाने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।दीपक भारद्वाज ने यह भी बताया कि रेलवे परामर्श कमेटी का सदस्य बनते ही कांगड़ा रेल एवं चक्की पुल उनकी प्राथमिकता में रहे हैं। इस विषय को उन्होंने हर स्तर पर उठाया है और यहां तक कि लोकसभा में भी इस संबंध में प्रश्न लगवाने के लिए सांसदों से मिलकर निवेदन कियागया था l उन्होंने आगे कहा कि कांगड़ा संघर्ष समित...

हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर बद्दी व ऊना में ड्रग डिक्टेशन और टेस्टिंग लैब खोली जाएगी

चित्र
  हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर बद्दी व ऊना में ड्रग डिक्टेशन और टेस्टिंग लैब खोली जाएगी   नूरपुर : विनय महाजन /  नूरपुर हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र बद्दी, ऊना व नूरपुर में ड्रग डिटेक्शन व टेस्टिगं लैब जल्द ही खोली जाएगी। इसके लिए राज्य फोरेंसिक साइंस निदेशालय की ओर से बद्दी व नूरपुर में पहले से चल रही फोंरेसिक लैबोटरी के कैंपस में ही स्थान तय कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अब ऊना में भवन या भूमि की तलाश की जा रही है। राज्य सरकार ने भी तीनों लैबोटरी के विभिन्न 36 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसमें हर लैबोटरी में 12 पद सृजित कर उन्हें भरने की प्रक्रिया भी विभिन्न माध्यमों से आरंभ कर दी गई है। इससे अब सभी प्रकार के ड्रग्स की जांच तुंरत व प्रभावी तरीके से पाएगी। अभी तक मात्र शिमला के जुन्गा में ही सभी प्रकार के ड्रग्स के नमूनों की जांच होती है। हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों, नकली दवाओं की बढ़ती समस्या से निपटने व नशे के आदी हो चुके मरीजों के लिए सरकार ने बद्दी, ऊना और नूरपुर में ड्रग डिटेक्शन एवं टेस्टिंग लैब स्...

भरमाड़ में कुम्हारों की सदियों पुरानी कला विलुप्ति के कगार पर

चित्र
  भरमाड़ में कुम्हारों की सदियों पुरानी कला विलुप्ति के कगार पर ज्वाली : राजेश कतनौरिया / ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भरमाड़ में कुम्हार समुदाय की सदियों पुरानी पारंपरिक कला अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रही है। कुम्हार जाति से संबंध रखने वाले यशपाल सिंह, शशि कुमार व संतोष कुमारी ने बताया कि उनके पूर्वज मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य करते थे और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। यशपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता ज्ञान सिंह स्वयं अपने हाथों से मिट्टी के घड़े व अन्य बर्तन तैयार करते थे, लेकिन बदलते समय के साथ यह परंपरा अब खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी इस कार्य में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही, जिससे यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। उन्होंने आगे बताया कि पहले बैसाखी जैसे पर्व पर दोपहर तक ही अच्छी-खासी बिक्री हो जाती थी। हालांकि उस समय आमदनी कम से कम दोपहर तक (तीन-चार रुपये) हो जाती थी, लेकिन काम लगातार चलता रहता था। वहीं आज महंगाई के दौर में भी दोपहर एक बजे तक मात्र एक हजार रुपये की ही बिक्री हो पाई है, जो चिंता का विषय है। कुम्ह...

उपमंडल ज्वाली के तहत आने वाले चेलियां-ज्वाली मार्ग पर सड़क की हालत दिन-व-दिन बदतर होती जा रही है।

चित्र
  उपमंडल ज्वाली के तहत आने वाले चेलियां-ज्वाली मार्ग पर सड़क की हालत दिन-व-दिन बदतर होती जा रही है। ज्वाली : राजेश कतनौरिया /  सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़ चुके हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लोकनिर्माण विभाग ज्वाली की ओर से सड़क के गड्ढों को भरने के लिए ठेकेदार द्वारा केवल बजरी और रेत डालकर खानापूर्ति कर दी गई। लेकिन इस सामग्री को न तो सही तरीके से दबाया गया और न ही पक्का किया गया।परिणामस्वरूप , अब यह बजरी सड़क पर बिखर चुकी है, जिससे मार्ग और भी अधिक खतरनाक बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की इस लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। बिखरी हुई बजरी के चलते कई दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब यातायात अधिक रहता है, यह मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लो...

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें: