सुरक्षित मातृत्व दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, बेबी शो बना आकर्षण का केंद्र
सुरक्षित मातृत्व दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, बेबी शो बना आकर्षण का केंद्र
नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /
आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 को नेशनल सेफ मदरहुड डे (सुरक्षित मातृत्व दिवस) के अवसर पर एक भव्य एवं जागरूकता से भरपूर जिलास्तरीय कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक करोल के निर्देशानुसार शगुन पैलेस नगरोटा सुरियां में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना और महिलाओं को सुरक्षित गर्भावस्था व प्रसव के प्रति प्रेरित करना था। इस अवसर पर क्षेत्र में उत्साह और भागीदारी का विशेष माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में जन सूचना अधिकारी हेमलता राणा, हेल्थ एजुकेटर अर्चना गुरंग, बी सी सी समन्वयक राजिंदर शर्मा और नगरोटा सुरियां से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद , सुमन कुमारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपन कुमार, सोनिया देवी, शिल्पा, सी एच ओ ज्योति, निधि, मोनिका सहित कई आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर सुरक्षित मातृत्व के महत्व पर चर्चा की और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की देखभाल, समय पर जांच, संतुलित आहार, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर महिला का अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन दोनों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित “बेबी शो” रहा, जिसमें क्षेत्र के कई बच्चों ने भाग लिया। इस शो में बच्चों की सेहत, सक्रियता और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया और पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया।
इसके अलावा, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता की आवश्यकता है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित मातृत्व का संदेश अपनाने और दूसरों तक पहुंचाने की अपील की गई। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस सफल आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की गई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है और एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

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