हिमाचल में सरिया व सिमेंट के बढ़े दाम: एक नजर में
हिमाचल में सरिया व सिमेंट के बढ़े दाम: एक नजर में
निर्माण कार्य से जुड़ी लगभग हर मुख्य सामग्री के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता के लिए निर्माण बजट बिगड़ गया है।
| सामग्री | मूल्य वृद्धि (अनुमानित) | प्रभाव |
| सीमेंट | ₹15 प्रति बैग | प्रति मकान हजारों का अतिरिक्त खर्च |
| सरिया | ₹1000 प्रति क्विंटल | बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत में भारी वृद्धि |
| ईंट | पहले ही बढ़ चुकी है | कुल निर्माण लागत 10-15% बढ़ी |
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को माना जा रहा है।
सप्लाई चेन प्रभावित: युद्ध के हालातों के कारण कच्चे माल की आपूर्ति और परिवहन (Logistics) पर बुरा असर पड़ा है।
ईंधन की बढ़ती दरें: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के चलते माल ढुलाई महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर निर्माण सामग्री पर पड़ रहा है।
कच्चे माल की लागत: सरिया बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है।
आम जनता पर असर
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में पहले ही ढुलाई खर्च अधिक रहता है। अब सीमेंट और सरिये के दामों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के लिए अपना घर बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ठेकेदारों और बिल्डरों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो कीमतों में और भी इजाफा हो सकता है।

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