हिमाचल में ‘पाकिस्तान मॉडल’ लागू कर रही सुक्खू सरकार, आर्थिक कुप्रबंधन से जनता त्रस्त: जयराम ठाकुर
हिमाचल में ‘पाकिस्तान मॉडल’ लागू कर रही सुक्खू सरकार, आर्थिक कुप्रबंधन से जनता त्रस्त: जयराम ठाकुर
मंडी : अजय सूर्या /
मंडी में भाजपा कार्यसमिति की बैठक के सफल आयोजन के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में ‘पाकिस्तान मॉडल’ अपनाया जा रहा है, जहां आर्थिक संकट के चलते कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के वेतन तक रोकने की स्थिति पैदा हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जो सरकार की आर्थिक विफलता को दर्शाती है। जयराम ठाकुर ने इसे “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि गलत नीतियों और वित्तीय कुप्रबंधन ने राज्य की अर्थव्यवस्था को डगमगा दिया है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान शासनकाल में नेताओं और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, जो पहले कभी देखने को नहीं मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा अब इस “भ्रष्ट सरकार” के खिलाफ जनता के बीच जाएगी।
चेस्टर हिल प्रकरण का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इसमें धारा 118 के उल्लंघन और बेनामी लेनदेन की संभावना है। उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
प्रशासनिक निर्णयों में विरोधाभास का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्य सचिव सेवा विस्तार न देने के आदेश जारी करते हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री कार्यालय से उसी दिन एक अधिकारी को सेवा विस्तार दे दिया जाता है। इससे सरकार के भीतर तालमेल की कमी साफ नजर आती है।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने उन्हें “झूठ का मसीहा” करार दिया और कहा कि असम चुनाव में दिए गए उनके बयान भ्रामक थे।
ऋण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में 19 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने मात्र सवा साल में 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज ले लिया है, जिससे प्रदेश पर कुल कर्ज 1.10 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से मिली आर्थिक सहायता को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से बचते हैं, जबकि प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ही राज्य को 4000 करोड़ रुपये की मदद मिली थी।
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए कहा कि जब सरकार के भीतर ही 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने के लक्ष्य पर एकराय नहीं है, तो जनता का विश्वास डगमगा जाना स्वाभाविक है।
इस मौके पर विधायक अनिल शर्मा, बलबीर वर्मा, उपाध्यक्ष बिहारी शर्मा, पायल वैद्य, प्रदेश सचिव प्रियंता शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश वालिया, जिला प्रवक्ता प्रताप ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे।
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