हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर बद्दी व ऊना में ड्रग डिक्टेशन और टेस्टिंग लैब खोली जाएगी
हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर बद्दी व ऊना में ड्रग डिक्टेशन और टेस्टिंग लैब खोली जाएगी
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर सीमावर्ती क्षेत्र बद्दी, ऊना व नूरपुर में ड्रग डिटेक्शन व टेस्टिगं लैब जल्द ही खोली जाएगी। इसके लिए राज्य फोरेंसिक साइंस निदेशालय की ओर से बद्दी व नूरपुर में पहले से चल रही फोंरेसिक लैबोटरी के कैंपस में ही स्थान तय कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अब ऊना में भवन या भूमि की तलाश की जा रही है। राज्य सरकार ने भी तीनों लैबोटरी के विभिन्न 36 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसमें हर लैबोटरी में 12 पद सृजित कर उन्हें भरने की प्रक्रिया भी विभिन्न माध्यमों से आरंभ कर दी गई है। इससे अब सभी प्रकार के ड्रग्स की जांच तुंरत व प्रभावी तरीके से पाएगी। अभी तक मात्र शिमला के जुन्गा में ही सभी प्रकार के ड्रग्स के नमूनों की जांच होती है। हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों, नकली दवाओं की बढ़ती समस्या से निपटने व नशे के आदी हो चुके मरीजों के लिए सरकार ने बद्दी, ऊना और नूरपुर में ड्रग डिटेक्शन एवं टेस्टिंग लैब स्थापित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्तमान में कई महत्त्वपूर्ण सैंपलों को जांच के लिए शिमला जुन्गा व चंडीगढ़ या दिल्ली भेजना पड़ता है,।
इस मामले मे डायरेक्टरेट ऑफ फोरेंसिक सर्विसेज हिमाचल प्रदेश की डायरेक्टर डा. मीनाक्षी महाजन ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से बद्दी, ऊना व नूरपुर में तीन ड्रग डिटेक्शन एवं टेस्टिंग लैबोटरी खोली जा रही हैं। इसके लिए 36 पद स्वीकृत कर उन्हें भरने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। बद्दी व नूरपुर में फोरेंसिक के कैंपस में ही लेबोटरी चलाई जाएंगी, जबकि ऊना के लिए भूमि व भवन चयन की प्रक्रिया चल रही है।
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