विकास कार्मिक में वन व्यवसायिक मामलों का तत्काल उपयोग करें: डी.सी
विकास कार्मिक में वन व्यवसायिक मामलों का तत्काल उपयोग करें: डी.सी
ज़िला साझीदारी समन्वय समिति की बैठक
धर्मशाला वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) और इसके तहत स्वीकृत मामलों में सभी वनों को दूर करने के प्रयास के लिए जिला प्रशासन ने जिलों में विभिन्न विकास मंडलियां तेजी से नीचे दी गई हैं। लोहिया हेमराज बैरवा ने विकास मंडल में वन खण्ड मामलों का तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साहिल हेमराज बैरवा ने विकास मंडल को गति देने के उद्देश्य से सभी घटकों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए सामुहिक जिला सहयोग समिति के संयोजकत्व में बैठक ली। बैठक में समग्र जिले में विकास राष्ट्रमंडल से जुड़े एफसीए और एफआरए मामले और अन्य मंजूरी से संबंधित मामलों की वस्तुस्थिति और प्रगति को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एफसीआईए के अनुमोदित मामलों में विकास विभाग की रिपोर्ट ली। उन्होंने अधिकारियों से जाना कि किन मामलों में क्लीयरेंस की स्थिति क्या है, अपार्टमेंट के क्या कारण हैं, क्या व्यथितियां लगी हैं और उनके लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने संबंधित मामलों में लाजिस्ट्रीयों के निदान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हमारा फोकस है कि सभी विभाग एफआरए और एफसीए के मामले तैयार करने की सही प्रक्रिया को अपनाएं। एफआरए और एफसीए से संबंधित कई दफा इकाइयों से संबंधित वन मंजूरी के मामले में प्रक्रियागत जानकारी नहीं होती है, और अन्य कंपनियों के तरीकों से आवेदन पर मंजूरी मिलने में देरी होती है। सुधार की प्रक्रिया इसमें शामिल है। अहिंसा ने कहा कि वन भूमि और गैर वन भूमि के मामलों की पहचान करके भी मदद के लिए जिला प्रशासन तत्परता से काम करना चाहता है। इससे पहले डीएफओ मुख्यालय राहुल कुमार ने एफसीए से संबंधित मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए उनका स्वागत किया। बैठक में विभिन्न वन मंडलों के एफसीए प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें धर्मशाला वन मंडल के 32, नूरपुर के 21, पालमपुर के 12 और देहरा वन मंडल के 13 मामले शामिल थे। इसके अतिरिक्त कुछ नए केसन पर भी विचार किया गया। इस अवसर पर लोक निर्माण, जल शक्ति, शिक्षा, पुलिस, उद्योग सहित विभिन्न स्थानों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
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