संविधान लिखते वक्त क्या बाबा भीमराव अम्बेडकर ने कभी ऐसा सोचा होगा : प्रवीन कुमार
संविधान लिखते वक्त क्या बाबा भीमराव अम्बेडकर ने कभी ऐसा सोचा होगा : प्रवीन कुमार
पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि भारतवर्ष का संविधान तैयार करने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने शायद कभी यह कल्पना नहीं की होगी कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां भी सामने आएंगी, जब किसी राज्य का मुख्यमंत्री विधानसभा में शराब के नशे में पहुंच कर सदन को एड्रेस करने के आरोपों से घिर जाए या फिर कोई मुख्यमंत्री किसी मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद भी पद छोड़ने के बजाय जेल से ही सरकार चलाने का प्रयास करे।
प्रवीन कुमार ने कहा कि आज देश की राजनीति में नैतिक मूल्यों का लगातार पतन देखने को मिल रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का भी उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव में करारी हार के बावजूद भी मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं ऎसी अनिच्छा लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।
उन्होंने संसद की कार्यवाही पर भी प्रश्न उठाते अर्थात चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकसभा और राज्यसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक सदनों में सांसदों द्वारा हंगामा, हुडदंग , अमर्यादित भाषा और शोर-शराबा लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है।
पूर्व विधायक ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधियों को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है, ताकि संविधान निर्माताओं के सपनों के अनुरूप लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके ।

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