शीत लहर में कानों को मफलर या टोपी से कवर कर रखें, डॉ आर एन भारती
शीत लहर में कानों को मफलर या टोपी से कवर कर रखें, डॉ आर एन भारती
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर भारती सेवा सदन ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर आर एन भारती ने लोगों से अपील किया है कि इस शीत लहर में जब भी घर से बाहर निकले तो गर्म कपड़े पहन कर निकले l साथ ही साथ सिर को अच्छे तरह से गर्म कपड़े, टोपी या मफलर से ढके । अगर बाइक चला रहे हैं तो हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। इससे बाहरी ठंड कान के जरिए अंदर जाने से बच जाती है ,जिस कारण ठंड का प्रकोप प्रभावित नहीं करती है। उन्होंने आगे कहा कि ठंड में थोड़ी सी सावधानी बरत कर अपनी जीवन चर्या वाली काम रोजगार दिन में तीन-चार घंटे आराम से चला सकते हैंl खासकर उच्च बीपी, शुगर और दिल के मरीजों के लिए शीत लहर काफी घातक होता है। उन्होंने बताया कि ठंड के दिनों में काफी सतर्कता बनाए रखनी चाहिए।उन्होंने वताया कि कानों के जरिए जाने वाली ठंडी हवा सीधे ‘सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम’ को सक्रिय कर देती है जिससे बिना कारण घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगती है। मफलर को इस तरह लपेटें कि कान पूरी तरह ढके रहें। उन्होंने कहा कि यदि बहुत ज्यादा हवा चल रही है, तो कानों में हल्की रुई डालना एक प्रभावी ‘विंड-ब्रेकर’ का काम करता है। उन्होंने कहा कि नहाने के बाद कान के बाहरी हिस्से और पीछे तेल की एक बूंद लगाएं। यह एक ‘इंसुलेटिंग लेयर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि आपके कान आपके शरीर की खिड़कियां हैं। यदि इन खिड़कियों से ठंडी हवा अंदर आएगी, तो पूरे ‘घर’ (शरीर) का तापमान बिगड़ जाएगा। इस सर्दी, स्टाइल के साथ-साथ अपनी इन नाजुक इंद्रियों का ख्याल जरूर रखें। धूप हो तो जरूर आधा घंटा धूप लें जिससे विटामिन डी 3 की आवश्यकता शरीर को हो सके l यह जानकारी डाक्टर आर एन भारती ने आज एक प्रेस विज्ञाप्ति मे दी l


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