अंतिम विदाई: भारत माता की सेवा में शहीद हुए रुद्रप्रयाग के लाल हवलदार रविन्द्र सिंह राणा
अंतिम विदाई: भारत माता की सेवा में शहीद हुए रुद्रप्रयाग के लाल हवलदार रविन्द्र सिंह राणा
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड):
देवभूमि उत्तराखंड ने देश की रक्षा के लिए अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रुद्रप्रयाग जिले के आगर-दशज्यूला क्षेत्र निवासी हवलदार रविन्द्र सिंह राणा (36), अरुणाचल प्रदेश के अलोंग क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। वे भारतीय सेना की 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे।
शहादत और सैन्य जीवन
हवलदार रविन्द्र सिंह राणा वर्ष 2008 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। लगभग 18 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद, 18 जनवरी 2026 को उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले और विशेषकर उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविन्द्र अपने मिलनसार और सरल स्वभाव के कारण क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय थे।
अंतिम यात्रा का विवरण
शहीद का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ उनके गृह जनपद लाया जा चुका है:
19 जनवरी: देर रात शहीद का पार्थिव शरीर रुद्रप्रयाग आर्मी कैंप पहुँचा।
20 जनवरी (सुबह 7:00 बजे): पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव आगर-दशज्यूला ले जाया जाएगा।
अंतिम संस्कार: गांव में दर्शनों के पश्चात, रुद्रप्रयाग संगम पर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार
शहीद रविन्द्र सिंह राणा अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। इस कठिन समय में पूरा प्रदेश और देश शहीद के परिवार के साथ खड़ा है। गांव के प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस क्षति को अपूरणीय बताया है।
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का बाकी यही निशां होगा।"
उत्तराखंड के इस वीर सपूत की शहादत को कोटि-कोटि नमन।


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