सीपीआई(एम) मंडी ने गांधी चौक पर किया धरना, ग्रामीण रोजगार कानून के खिलाफ जताया विरोध
सीपीआई(एम) मंडी ने गांधी चौक पर किया धरना, ग्रामीण रोजगार कानून के खिलाफ जताया विरोध
मंडी : अजय सूर्या /
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की लोकल कमेटी मंडी द्वारा आज गांधी चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। पार्टी नेताओं ने भाजपा-नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित किए गए ‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी–जी राम जी, 2025’ विधेयक का कड़ा विरोध जताया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह नया कानून मेहनतकश ग्रामीणों द्वारा संघर्ष से हासिल किए गए मनरेगा के ‘काम के अधिकार’ को कमजोर करने की एक खतरनाक साज़िश है। नेताओं ने कहा कि यह विधेयक मांग-आधारित अधिकार को एक सरकारी योजना में बदलकर राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रहा है, जिससे मनरेगा की मूल भावना को नुकसान पहुंचेगा।
सीपीआई(एम) ने बताया कि पहले ही मनरेगा के बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण ग्रामीण रोजगार प्रभावित हो रहा है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि बीते वर्षों में औसतन केवल 45 दिन का ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सका है, जबकि अब सरकार 125 दिन रोजगार देने का दावा कर रही है, जो व्यवहारिक नहीं लगता।
पार्टी नेताओं ने आशंका जताई कि इस कानून से ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, बेरोजगारी बढ़ेगी और बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, रोजगार से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कानून के तहत अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है, क्योंकि इसमें केंद्र की 60% और राज्य की 40% हिस्सेदारी तय की गई है, जो राज्यों के लिए भारी बोझ साबित होगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस कानून को मजदूर-विरोधी और कॉरपोरेट-परस्त करार देते हुए इसे जल्द वापस लेने की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो आम जनता के साथ मिलकर एक व्यापक जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस अवसर पर पार्टी ने घोषणा की कि वह 30 जनवरी से 5 फरवरी तक देशभर में जन-जागरूकता अभियान चलाएगी और 12 फरवरी को प्रस्तावित मजदूर-किसान हड़ताल में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में पार्टी लोकल कमेटी सचिव सुरेश सरवाल, रमेश गुलरिया, सुनीता, सुरेंद्र, प्रवीण, गोपेंद्र, रीना, दीपक, मनीराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।


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