सब्जी उत्पादक किसान की उम्मीदो पर पानी फिरा सब्जी के गिरे दाम, पूरी नहीं हो पा रही उत्पादन लागत - Smachar

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सब्जी उत्पादक किसान की उम्मीदो पर पानी फिरा सब्जी के गिरे दाम, पूरी नहीं हो पा रही उत्पादन लागत

 सब्जी उत्पादक किसान की उम्मीदो पर पानी फिरा सब्जी के गिरे दाम, पूरी नहीं हो पा रही उत्पादन लागत


 नूरपुर : विनय महाजन /

 नूरपुर अपवाद के तौर पर टमाटर व ब्रोकली को छोड़ दें तो अधिकांश सब्जियों के दाम आ चुके laal स्थानीय सब्जी मंडी में फूल गोभी मूली शलज़म के दाम मात्र 10-12 रुपए किलो तक चल रहे हैंl उपमंडल नूरपुर के किसानों के खून पसीने और कड़ी मेहनत से तैयार की गई सब्जी की फ़सल इस समय स्थानीय मंडियों में ओने पौने दाम में बिक रही है जिससे सब्जी उत्पादकों को लागत के दाम भी नहीं मिल रहे हैं ! क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि नूरपुर और इंदौरा क्षेत्र सब्जी उत्पादन में एक हब हैं ! महंगे बीज और अन्य सामग्री एकत्रित करके इस समय फुल गोभी, पत्ता गोभी, मूली, शलगम आदि मौसमी सब्जियां लगाई हैं लेकिन इस समय इनका बिलकुल नाममात्र दाम क्षेत्र की मंडियों में पड़ रहा है जिससे उनकी मेहनत मजदूरी की लागत भी पूरी नहीं हो रही है ! इसका प्रमुख कारण सीमावर्ति राज्यों से रोजाना सैकड़ों की तादाद में सब्जियों की गाड़ियाँ भरकर हिमाचल के क्षेत्रों में सस्ते दाम पर बेच कर चले जाते हैं इसके एवज में वह न तो कोई शुल्क देते हैं जिससे सरकार को कोई फायदा हो ! इसके कारण स्थानीय सब्जी मंडियों का भी पूरी तरह भटठा बैठ गया है ! मंडी संचालकों के अनुसार वह यदि पंजाब से सब्जी खरीद कर अपनी मंडियों में लाते हैं तो सीमा पर मार्किट कमेटी के कार्यलोयों पर उनकी पूरी जाँच पड़ताल की जाती है और पूरा टैक्स भी लगता है जबकि पंजाब से अनेक वाहन सीमा पर मिलीभगत के चलते प्रवेश करके न केवल उनके धंधे को कमजोर कर रहे हैं बल्कि क्षेत्रीय किसानों के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं जिसके कारण क्षेत्रीय किसानों को सही दाम नहीं मिलते हैं आढ़तीयों अनुसार हिमाचल के किसानो की सब्जी की गाड़ी पंजाब मेंपकड़ी जाती है तो उसे पांच फीसदी जुर्माने का प्रविधान है लेकिन हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पंजाब के सब्जी विक्रेता इसे बेखौफ अंजाम देकर न केवल क्षेत्रीय किसानों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं बल्कि मंडियों समेत सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं क्षेत्र के किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह से इस बिषय पर कड़ा संज्ञान लेने का आग्रह किया है ताकि उन्हें उनकी उपज का सही दाम मिल सके ! यह बहुत गंभीर बिषय बनता जा रहा है हिमाचल के मंडी संचालक इस नीति से बेहद परेशान हैं मंडियों में बिक्री नहीं हो रही बाहरी राज्यों के लोगो घर घर जाकर सप्लाई कर रहे हैं इससे सरकार के राजस्व को नुक्सान हो रहा है तो किसानों को भी सही दाम कैसे मिलेंगे ! इस बिषय पर सरकार को सोचना होगा ! रविंद्र गुलेरिया प्रधान आढ़ती संघ सब्जी मंडी जसूर ! मामला संज्ञान में है इसे सरकार के समक्ष उठाया जायेगा ! निशु मोंगरा चेयरमेन मंडी कल्याण बोर्ड कांगड़ा ! बिषय ध्यान में लाया गया है प्रदेश सरकार किसानों की हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है इस बिषय को अगली केबिनेट में उठाया जायेगा ! चौधरी चंद्र कुमार क़ृषि एवं पशुपालन मंत्री हिमाचल प्रदेश !

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